यूपी के सरकारी कर्मचारियों को योगी सरकार का दिवाली तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ाकर किया 63%, 30 दिन का बोनस भी मिलेगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) तीन प्रतिशत बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने का फैसला किया है। बढ़ी हुई दर एक जुलाई 2026 से लागू होगी। कर्मचारियों को नवंबर महीने के वेतन के साथ बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद लाभ दिसंबर में मिलेगा।
इसके साथ ही सरकार ने राज्य के करीब 15 लाख कर्मचारियों को 30 दिन का दिवाली बोनस देने का भी निर्णय लिया है। बोनस की 25 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत रकम कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा की जाएगी।
12 लाख पेंशनर्स को भी मिलेगा महंगाई राहत का लाभ
सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इसके अलावा करीब 12 लाख पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत (DR) का लाभ दिया जाएगा।
पेंशनर्स की महंगाई राहत में भी तीन प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके बाद महंगाई राहत की दर बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी।
दिसंबर में खाते में आएगा बढ़ा हुआ पैसा
बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का नकद भुगतान दिसंबर में मिलने वाले नवंबर माह के वेतन और पेंशन के साथ किया जाएगा। वहीं, जुलाई से अक्टूबर 2026 तक के चार महीनों का एरियर कर्मचारियों के GPF खातों और बचत पत्रों के माध्यम से दिया जाएगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी
योगी सरकार ने प्रदेश के 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को भी राहत दी है। इनके मानदेय में डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
सरकारी खजाने पर पड़ेगा 3500 करोड़ तक का बोझ
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और दिवाली बोनस के फैसले से प्रदेश सरकार के खजाने पर अनुमानित 3,000 से 3,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है।
सरकार के फैसले का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। संगठनों का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से महंगाई भत्ते और बोनस की मांग कर रहे थे। कई बार मांगें टलने के बाद सरकार ने यह फैसला लेकर कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलेगी।
