आबादी के पास हाथियों का झुंड देख सहमे ग्रामीण, गन्ने की फसलें कर रहे तहस-नहस
मोहण्ड के जंगलों से निकलकर खेतों में पहुंच रहे हाथी, महिलाओं ने जान बचाकर गांव की ओर लगाई दौड़
हाथियों की निगरानी के लिए मौके पर वन विभाग का स्टाफ तैनात, खेतों में कॉम्बिंग शुरू: लव सिंह
बिहारीगढ़। मोहण्ड के जंगलों से भटककर हाथियों का एक झुंड पिछले कई दिनों से आबादी और कृषि क्षेत्रों में घूम रहा है। हाथियों के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगली हाथी खेतों में खड़ी गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शनिवार सुबह करीब छह बजे थापुल गांव के समीप आम के बाग में हाथियों का झुंड दिखाई देने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से बिहारीगढ़ कस्बे के आसपास आबादी से सटे खेतों में हाथियों का आना-जाना लगा हुआ है। रात के समय हाथियों का झुंड खेतों में घुसकर फसलों को तहस-नहस कर रहा है। शनिवार सुबह हाथियों का झुंड थापुल गांव के समीप पहुंच गया। इस दौरान खेतों में घास काटने जा रही कुछ महिलाओं ने सामने से हाथियों को आते देखा तो चीख-पुकार मचाते हुए जान बचाकर गांव की ओर दौड़ पड़ीं।
हसनावाला गांव के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह करीब छह बजे उन्होंने घेरकर्मा गांव के समीप आम के बाग में हाथियों को देखा था। इसके बाद हाथियों का झुंड वहां से निकलकर थापुल गांव की ओर चला गया। हाथियों के गांव के नजदीक पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे उन्हें देखने के लिए खेतों में पहुंच गए। हालांकि, हाथियों के नजदीक जाने की किसी की हिम्मत नहीं हुई।
बताया गया कि कुछ किसानों ने अपने ट्रैक्टर हाथियों के पीछे दौड़ाए और पटाखे छोड़कर उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। आबादी के आसपास हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग के मोहण्ड रेंज क्षेत्राधिकारी लव सिंह ने तत्काल स्टाफ को मौके पर भेजा। वन विभाग की टीम ने हाथियों की निगरानी शुरू करने के साथ ही आबादी से सटे खेतों में कॉम्बिंग भी शुरू करा दी है।
ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि हाथियों की आवाजाही को देखते हुए क्षेत्र में नियमित गश्त कराई जाए, ताकि आबादी की सुरक्षा के साथ खेतों में तैयार खड़ी गन्ने की फसल को भी नुकसान से बचाया जा सके।
