क्या साहिबाबाद विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे राजेश्वर सिंह?

क्या साहिबाबाद विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे राजेश्वर सिंह?

गाजियाबाद/लखनऊ [दिग्विजय]: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने वीआरएस ले लिया है। दोनों के भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना है।

लखनऊ में तैनात राजेश्वर सिंह ने पिछले साल अगस्त में वीआरएस के लिए आवेदन किया था। उनके अनुरोध के छह महीने बाद, संबंधित विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और उन्हें वीआरएस के लिए अनुमति दी। चर्चा है कि राजेश्वर सिंह गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

भाजपा के लखनऊ कार्यालय से मिल रहे संकेतों के आधार पर यह कयास लगाया जा रहा है कि राजेश्वर सिंह साहिबाबाद विधानसभा से चुनाव लड़ सकते है। साहिबाबाद विधानसभा को भाजपा के लिए एक सुरक्षित सीट माना जाता है। 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुनील शर्मा ने यंहा से बड़ी जीत दर्ज की थी। सुरक्षित होने के चलते किसी भी उम्मीदवार को यंहा से चुनाव लड़ाया जा सकता है। पार्टी राजेश्वर सिंह को हर कीमत पर विधानसभा भेजना चाहेगी इस लिहाज से पार्टी साहिबाबाद विधानसभा सीट को राजेश्वर सिंह के लिए बेहतर सीट मानकर चल रही है।

सुनील शर्मा जनाधार वाले नेता नहीं
साहिबाबाद विधानसभा सीट पर राजेश्वर सिंह की दावेदारी की संभावना इसलिए भी अधिक मानी जा रही क्योंकि साहिबाबाद से भाजपा के वर्तमान विधायक सुनील शर्मा का अपना जनाधार न के बराबर है। विधायक अपने खुद के दम पर जीत का माद्दा नहीं रखते। सुनील शर्मा वर्तमान कार्यकाल के दौरान विधानसभा क्षेत्र में कोई विशेष प्रभाव छोड़ पाने में भी असमर्थ रहे है। इसलिए विधायक यदि विरोध करते भी है तो उनका विरोध कोई मायने नहीं रखेगा। पार्टी ऐसी सीट से ही नए प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लेगी जहां से वर्तमान विधायक के विरोध करने की संभावना न हो और यदि विरोध हो भी तो उसका कोई प्रभाव न हो। इस लिहाज से भी साहिबाबाद विधानसभा एक उचित विकल्प हो सकता है। हालाँकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अन्य सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद ही कोई फैसला होगा।

 


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