रिजीम चेंज का क्या मतलब है? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विवाद के बीच समझाया
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कांग्रेस पर रिजीम चेंज का आरोप लगाने के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और CEC पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि “हम ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ नाम से एक अभियान चला रहे हैं. पूरा देश खुलकर यही बात कह रहा है. हम खुद भी अपना इरादा दोहरा रहे हैं कि हमें इस सरकार को हराना है और इस व्यवस्था को बदलना है. तो फिर, राजनाथ सिंह आगे क्यों आए?”
पवन खेड़ा ने कहा कि “ये राजनाथ सिंह जी जग्गा जासूस बनकर क्यों आ गए? शरलॉक होम्स. ‘रिजीम चेंज हो रहा है.’ हम तो कह रहे हैं रिजीम चेंज करेंगे साहब.”
उन्होंने 1977 का उदाहरण देते हुए कहा कि “77 में क्या हुआ था? रिजीम नहीं बदला था? हर बार जब कोई विपक्ष सड़क पर आता है, कोई आंदोलन होता है, तो उसका उद्देश्य चुनाव के जरिए रिजीम बदलना है. ये तो मकसद होता है विपक्ष का, और क्या मकसद होता है? कांग्रेस पार्टी आज से नहीं, पिछले 100 साल से संघ की विचारधारा के खिलाफ आवाज बुलंद करती आई है. कोई पहली बार नहीं किया.”
प्रशांत भूषण की टिप्पणी
प्रशांत भूषण पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि “प्रशांत भूषण ने कह दिया रिजीम चेंज, तो प्रशांत भूषण अचानक दुश्मन बन गए, 2013 में दोस्त थे तब आप ही लोग रिजीम चेंज मांग रहे थे.”
नेहा वोरा को गलत कहा गया
नेहा वोरा पर खेड़ा ने कहा, “नेहा वोरा ने कुछ कह दिया, तो वो लेफ्टिस्ट है, अर्बन नक्सल है, वो फेमिनिस्ट हैं! पता नहीं क्या-क्या आरोप उस पर लगा दिए. आरोप भी वो, फेमिनिज्म कोई गलत चीज़ है क्या? लेफ्टिस्ट कोई गलत चीज़ है क्या? राहुल गांधी ने कुछ कह दिया, तो साहब, उनकी तो पूरी सात पुश्तों को निकाल कर लाएंगे. अरे जो सवाल पूछ रहे हैं उनका जवाब दीजिए.
ज्ञानेश कुमार को बचा रही सरकार
CEC ज्ञानेश कुमार पर खेड़ा बोले कि “दिक्कत क्या है ज्ञानेश कुमार को हटाने में? देश भी हैरान है, पूरी सरकार में खलबली मची हुई है, लेकिन ज्ञानेश को नहीं टच करेंगे. ज्ञानेश कुमार कौन है भाई? एक रिटायर्ड आईएएस अफसर है, या डायनासोर की कोई आख़िरी पीढ़ी है, कि हाथ से निकल गया तो वापस नहीं आएगा. रोक लो भाई इसको यहीं बचा के रखो. कौन है ज्ञानेश कुमार? क्यों नहीं हटा पा रहे आप उसको? क्या डर है आपको उससे? ”
RSS पर हमला
RSS पर हमला बोलते हुए वे बोले कि “RSS एक अनरजिस्टर्ड संगठन है. जो पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा जमाए बैठा हो और आप हमसे उम्मीद करें कि हम दुम हिलाता हुआ विपक्ष बनें तो माफ़ कीजिएगा हम दुम नहीं हिलाएंगे, हम रिजीम चेंज करना चाहते हैं, खुल कर कह रहे हैं. रिजीम चेंज करेंगे.
उन्होंने प्रणब मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी साहब को इन्होंने संघ के मुख्यालय बुलाया था. उन्हीं प्रणब मुखर्जी साहब को मैं कोट करता हूं. प्रणब जी ने इंदिरा जी को याद करते हुए कहा था कि “विपक्ष का यह कर्तव्य है कि वह सत्ता का विरोध करे, पर्दाफाश करे और हो सके तो सत्ता से हटाए”.
आगे उन्होंने कहा कि “लेकिन हमारे संविधान विरोधी नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी मंत्रिमंडल को ये बात नागवार गुजरती है. उनको ये लगता है, साहब, ये तो देश विरोध के विरोध में आ गए हम लोग. जो देश की रक्षा कर रहे हैं, जो लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं.”
हम सभी प्रोटेस्ट के साथ
कॉकरोच जनता पार्टी पर पूछे गए एक सवाल पर पवन खेड़ा ने जवाब दिया कि “जो भी संगठन शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहा है, हम उसके साथ खड़े हैं. इसलिए बार-बार यह सवाल पूछने की मुझे कोई जरूरत नहीं लगती.”
सुप्रीम कोर्ट ने नहीं की राहुल पर टिप्पणी
राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर पवन ने कहा कि “कल माननीय सर्वोच्च न्यायालय में कुछ याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी. उस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश ने एक याचिकाकर्ता के आचरण को लेकर टिप्पणी की थी. यह सुबह साढ़े ग्यारह से बारह बजे के बीच की बात है. इसके बाद लगातार मीडिया में सुर्खियाँ चलाई गईं, “राहुल गांधी को फटकार लगाई. मैं लोकतंत्र का साथी तो उन्हें(मीडिया चैनल) नहीं कहूंगा, लेकिन कई चैनलों पर यही हेडलाइन दिखाई गई. लेकिन अदालत के आदेश के अनुसार संबंधित टिप्पणी राहुल गांधी के लिए नहीं, बल्कि याचिकाकर्ता नंबर छह के संदर्भ में थी. राहुल गांधी याचिकाकर्ता नंबर छह नहीं थे.”
