‘SSR का उल्टा RSS…’ अखिलेश यादव ने ECI के फैसले पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में SSR के फैसले पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS से जोड़ दिया है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा- SSR का उल्टा क्या होता है? RSS. उन्होंने कहा कि ये अनरजिस्टर्ड और नकारात्मक लोग हैं, जो जानते हैं कि सीधा मुकाबला नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा कि अगर SSR हो रहा है फिर तो SIR जीरो हो गया. अखिलेश यादव ने कहा कि SIR और SSR का विरोध नहीं है, बल्कि इनकी साजिश का विरोध है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को वोट देकर कोई पाप का भागीदार नहीं होना चाहता. उन्होंने कहा कि माताएं दुखी हैं, महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ है और महिला वोट भी इनसे अलग हो रहा है. मध्यम वर्ग के लोग भी दुखी हैं, क्योंकि NEET परीक्षा में धांधली हुई है.
‘Gen Alpha भी नाराज है. लाभार्थी भी नाराज’
उन्होंने कहा कि इन्होंने Gen Z का गुस्सा देखा है और Gen Alpha भी नाराज है. लाभार्थी भी नाराज हैं. अखिलेश यादव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर निशाना साधते हुए कहा कि ये एक बार भ्रष्टाचार करना चाहते हैं, ताकि दोबारा ऐसा न करना पड़े. यानी एक बार घपला कर लो और फिर दोबारा न करना पड़े.
इससे पहले कन्नौज सांसद ने सपा में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत करते हुए कहा- ये तो अभी शुरुआत है, अभी विधायकों का स्वागत नहीं हुआ है. ऐसे भी बड़ी संख्या में लोग हैं. कई ऐसे दल भी हैं, जो मोलभाव कर रहे हैं. जब वे सही तरीके से तौल लेंगे, तो उनकी तरफ भी हम देखेंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि राजपाल सैनी (पूर्व सांसद), शान ए अली (जिनके पिता सपा सरकार में मंत्री रहे), रवि प्रताप (बिल्सी, बदायूं), विदुप अग्रहरी (बड़े कारोबारी और पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्ता के बेटे), नंद किशोर पुंडीर, कमल गौतम (आजाद समाज पार्टी), हरबीर मलिक, शैलेंद्र आचार्य और संजीव प्रधान जैसे लोग उनके साथ आ रहे हैं.
