‘ये लोग…’ नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर CM योगी ने किया पलटवार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने देश और दिल्ली में चल रहे मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को बांग्लादेश से जोड़ते हुए बयान दिया था. अब इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखी टिप्पणी की है. सीएम ने कहा है कि अस्थिरता से देश के लोकतंत्र को हिलाया नहीं जा सकता है.
सोशल मीडिया साइट एक्स पर सीएम ने लिखा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं. बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं.
उन्होंने लिखा कि चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र जन-विश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है, जिसे षड्यंत्रों के अंधड़ हिला नहीं सकते.
‘सत्ता की भूख मिटाने के लिए…’
सीएम ने लिखा कि हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं.
मुख्यमंत्री ने लिखा कि जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है. अब ये देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं. उनकी इस सियासी साजिश को देश कभी सफल नहीं होने देगा.
नेहा बोरा ने 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर दिए अपने संदेश में कहा था, ‘बांग्लादेश ने हमें क्रांति का रास्ता दिखाया.’
बता दें वर्ष 2024 में बांग्लादेश में छात्र आंदोलन हुआ था, जिसके बाद सत्ता परिवर्तन हुआ. इस घटनाक्रम के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था. आंदोलन के दौरान और उसके बाद बांग्लादेश के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी हुई थीं.
