‘हम नाराज फूफा, लेकिन मामा जी…’, प्रमोद तिवारी शी जिनपिंग का नाम लेकर ये क्या बोल गए

‘हम नाराज फूफा, लेकिन मामा जी…’, प्रमोद तिवारी शी जिनपिंग का नाम लेकर ये क्या बोल गए

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग शामिल होने वाले हैं. वो शनिवार को भारत आएंगे. भारत ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक का आयोजन किया. राष्ट्रपति शी जिंगपिंग के भारत आने पर कांग्रेस वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में डेप्युटी लीडर ऑफ पोजिशन प्रमोद तिवारी ने निशाना साधा है.

शी जिंगपिंग पर साधा निशाना

प्रमोद तिवारी ने कहा, ”हमारी मांग है कि जिस तरीके से पिछले बार मोदी जी ने शी चिनपिंग को झूला झुलाया था और. बाद में हमारे जवान गलवान में शहीद हो गए. इस बार ऐसा ना हो दोनों प्रेस कांफ्रेंस करके बताएं क्या अरुणाचल प्रदेश में चीन हस्तक्षेप नहीं करेगा.”

”मोदी जी पुतिन से भी मुलाकात करेंगे. पुतिन को भी अपने खेमे में लाने की कोशिश करिए. जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ तो पाकिस्तान के साथ खड़ा था.”

”हम नाराज फूफा हैं…”

प्रमोद तिवारी ने आगे कहा, ”हम नाराज फूफा हैं लेकिन मैं मामा जी से कहना चाहता हूं कि आप भी मामा बन जाइए…इंदिरा जी जैसी इच्छाशक्ति दिखाइए. वंदे मातरम पर बीजेपी सियासत कर रही है लेकिन जब रविंद्र नाथ टैगोर जी ने निर्णय लिया के दो ही चांद गए जाएंगे तो अब सियासत क्यों हो रही है.”

कांग्रेस में छिड़ी बहस

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस में आपस में ही बहस छिड़ी हुई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि पिछले 2-3 बार से भारत को इस सम्मेलन से कोई फायदा नहीं हुआ है. वहीं शशि थरूर ने ब्रिक्स के फायदे बताए हैं. उन्होंने कहा, ब्रिक्स (BRICS) के ये 11 देश दुनिया की ज़्यादातर आबादी और ग्लोबल GDP के 41 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह कोई मामूली बात नहीं है. यह एक ऐसी बात है जिसे बाकी दुनिया को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए.

बता दें रूस के राष्ट्रपति पुतिन शुक्रवार को इंडिया आ चुके हैं. वहीं ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान भी कुछ समय में भारत पहुंचने वाले हैं.

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