पानी भरता रहा, अंदर फंसे लोग मदद को चीखते रहे… सामने आया जबलपुर क्रूज हादसे का एक और वीडियो
नई दिल्ली। जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे को लेकर लगातार नए अपडेट आ रहे हैं। इसी क्रम में एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने फिर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि क्रूज के अंदर बैठे पर्यटक शुरुआत में सामान्य स्थिति में थे, लेकिन अचानक तेजी से पानी अंदर घुसने लगता है। कुछ ही क्षणों में माहौल चीख-पुकार में बदल जाता है, बच्चे रोने लगते हैं और यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं।
हिचकोले खाता क्रूज और लाइफ जैकेट ढूंढ़ते लोग
वीडियो का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि क्रूज स्टाफ उस समय लाइफ जैकेट निकालते दिखाई देता है, जब बोट डूबने लगती है। कई यात्री बिना जैकेट के नजर आते हैं, जबकि कुछ लोग खुद स्टोरेज खोलकर उन्हें निकालने की कोशिश करते हैं।
नहीं हुआ नियमों का पालन
इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 के अनुसार, हर यात्री को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट देना और पहनाना अनिवार्य है, लेकिन इस नियम का पालन नहीं हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्रूज में 29 टिकट जारी किए गए थे, जबकि उस पर 40 से अधिक पर्यटक सवार थे।
इसके अलावा, मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी की चेतावनी भी दी गई थी, फिर भी क्रूज को पानी में उतारा गया। अब तक इस हादसे में 9 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं।
भावुक कर देने वाला पल
इस हादसे की सबसे मार्मिक घटना दिल्ली से आए परिवार की है। मरीना मैसी ने अपने चार वर्षीय बेटे त्रिशान को अपने ही लाइफ जैकेट में बांध लिया और अंतिम क्षण तक उसे सीने से लगाए रखा। जब उनके शव बरामद किए गए, तब भी मां और बेटा एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।
उनके पति प्रदीप मैसी ने बताया कि स्टाफ केवल बैठने के लिए कहता रहा और कोई मदद नहीं दी गई। उन्हें एक ट्यूब मिली, जिसकी मदद से वे किनारे तक पहुंचे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में भी देरी
हादसे के बाद बचाव कार्य में भी गंभीर देरी सामने आई। जानकारी के अनुसार, शाम 6:15 बजे सूचना मिलने के बावजूद पहली रेस्क्यू टीम 6:40 बजे तक रवाना नहीं हो सकी। वाहन में तकनीकी समस्या के कारण उपकरण दूसरी गाड़ी में स्थानांतरित करने पड़े।
दूसरी टीम करीब 7 बजे रवाना हुई। इस देरी के कारण शुरुआती दो घंटे बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए, जो कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकते थे।
