दिल्ली हिंसा: जिस फुटेज ने आरोपी बनाया, उसी ने दिलाई जमानत

 
हाइलाइट्स
  • दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस ने 3400लोगों को हिरासत में लिया है
  • एक आरोपी को जिस सीसीटीवी फुटेज ने आरोपी बनाया था उसी ने जमानत दिला दी है
  • वह शख्स गृह मंत्रालय में काम करता है और दंगों के दौरान अपने परिवार की सुरक्षा के लिए छड़ी लेकर घर के बाहर खड़ा था

नई दिल्ली
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पिछले महीने हुई हिंसा को लेकर गिरफ्तार एक और आरोपी को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस ने जिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस व्यक्ति को आरोपी बनाया, वही उसके लिए राहत का आधार भी बना। अदालत ने पाया कि फुटेज में आरोपी अपने हाथ में सिर्फ छड़ी लेकर खड़ा नजर आ रहा है, पर किसी के घर में चोरी करता हुआ या आगजनी करता हुआ नहीं दिख रहा, जैसा कि उस पर आरोप है।

डिस्ट्रिक्ट ऐंड सेशन जज (नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट) डॉ. सुधीर कुमार जैन ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखने के बाद चिंटू उर्फ संतोष कुमार को जमानत दी। उसे 25,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही रकम की एक जमानती देने के लिए कहा गया। निर्देश दिया कि वह इस दौरान मामले के गवाहों को किसी तरह का लालच या धमकी न दे और साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करे।

आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए अदालत ने कहा, ‘हाल ही में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में बड़े पैमाने पर दंगे और हिंसा हुई, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा। तमाम लोगों को चोटें आईं और 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। चिंटू पर सिर्फ इतना आरोप है कि उसके पास एक छड़ी थी और वह किसी दूसरे के घर के सामने खड़ा था। ऐसी कोई सामग्री नहीं जिससे यह लगे कि आरोपी घर से चोरी के अपराध में शामिल था।’

नजमा नाम की महिला की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाने की पुलिस ने इस केस में एफआईआर दर्ज की। महिला ने अपने घर से सामान चोरी होने का आरोप लगाया था। आरोपी की ओर से एडवोकेट मनीष भदौरिया ने जमानत के लिए अर्जी दी। उन्होंने अदालत को बताया कि चिंटू पर अपने पूरे परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी है जिसमें उसकी गर्भवती पत्नी भी शामिल है। वह गृह मंत्रालय में काम करता है और दंगों के दौरान अपने परिवार वालों की सुरक्षा के मद्देनजर अपने घर के बाहर खड़ा था। यह कहते हुए भदौरिया ने दावा किया कि चिंटू की घर में चोरी से जुड़े अपराध में कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने मामले की जांच में आरोपी की ओर से पूरे सहयोग का भी भरोसा दिलाया।

सरकारी वकील ने अर्जी का विरोध किया। दलील दी कि जांच के दौरान घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज मिली, इसमें चिंटू और सह आरोपी चंद्र कुमार नजर आए। उन्होंने कहा कि फुटेज में सह आरोपी चंद्र शिकायतकर्ता के घर के दरवाजे को तोड़ता दिखाई दिया जबकि चिंटू हाथ में छड़ी लेकर खड़ा दिखा। उन्होंने आगे कहा कि जांच एजेंसी को अभी छानबीन कर पूरी साजिश का पता लगाना है और इन परिस्थितियों में आरोपी को जमानत कतई नहीं दी जानी चाहिए।

 
 

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