‘ऐसी बर्बरता न कभी देखी न उम्मीद की थी’, CJP के आशुतोष रांका बोले- दिल्ली पुलिस ने सारी हदें पार कर दीं

‘ऐसी बर्बरता न कभी देखी न उम्मीद की थी’, CJP के आशुतोष रांका बोले- दिल्ली पुलिस ने सारी हदें पार कर दीं
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास

जंतर-मंतर पर सोमवार को ‘संसद चलो मार्च’ में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर खदेड़ा गया है. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका का बड़ा बयान सामने आया है. पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को लेकर वह भड़के हैं. उन्होंने कहा, “लाठियां तो सिर्फ पुलिस द्वारा चलाई गईं हैं. हमारे बच्चों को मारा गया है उनके सिर फोड़े गए हैं. उनको सड़कों पर घसीटा गया है. ”

आशुतोष रांका ने आगे कहा, “सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के बाल पकड़कर उन्हें ट्रक से बाहर निकालने की कोशिश की गई है. ट्रक का शीशा फोड़ा गया है. हमारे वालंटियर्स की पसलियां टूटी हैं.” आशुतोष रांका ने कहा कि इतनी बर्बरता हमने आज तक उम्मीद भी नहीं की और न देखी है. कल दिल्ली पुलिस ने सारी हदें पार की हैं.

‘जितने लोग दिल्ली पहुंचे थे अब….’

सीजेपी प्रवक्ता द्वारा दिल्ली पुलिस पर साफतौर से बच्चों की पीटने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस को साफतौर पर बच्चों का मारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आंदोलन अब इससे और बड़ा होगा. सोमवार को जितने लोग दिल्ली पहुंचे थे अब उससे कहीं ज्यादा लोग दिल्ली पहुंचेंगे. हम लोग यहां से नहीं हिलेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे.”

जेपी नड्डा से मुलाकात को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से अभी तक कोई रिसपॉन्स नहीं आया है. हमारे 5 घंटे खराब किए गए हैं. अब सरकार को अगर बात करनी होगी तो सरकार यहां आएगी तभी बात होगी.

प्रदर्शन के दौरान हालात हुए तनावपूर्ण

दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने से हालात तनावपूर्ण हो गए. दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने उग्र और हिंसक व्यवहार किया, जिसके चलते 118 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए.

करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देश दिए गए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया और लागू निषेधाज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन किया.