योगी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार आज, 6 नए मंत्रियों के नाम पर लग सकती है मुहर
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार रविवार को होने जा रहा है। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी। जहां छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं वहीं मौजूदा राज्यमंत्रियों में से कुछ को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। राज्यसभा चुनाव में सपा से बगावत करने वाले विधायकों में से दो को मंत्री पद का पुरस्कार मिल सकता है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री। राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बन सकते हैं। माना जा रहा है कि जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए छह रिक्त पदों को भरा जाएगा।
राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा प्रत्याशी को वोट देने वाले रायबरेली से मनोज पांडेय और कौशाम्बी से पूजा पाल को मंत्री बनाया जा सकता है।
मनोज सपा सरकार में भी मंत्री रहे हैं। कुछ को मंत्री पद से हटाकर जहां संगठन में भेजने की भी चर्चा है वहीं संगठन से कुछ को मंत्री भी बनाया जा सकता है।
शनिवार को बंगाल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद लखनऊ लौटे मुख्यमंत्री योगी शाम को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने जनभवन पहुंचे। मुलाकात के साथ ही बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को अपराह्न तीन बजे होना तय हो गया।
मंत्री बनाए जाने वालों में जिन नामों की चर्चा है उनमें जाट समाज से आने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, अति पिछड़ी जाति से आने वाले वाराणसी के विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, फतहेपुर की खागा सीट से विधायक अनुसूचित जाति की कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेन्द्र दिलेर हैं।
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री रहे मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा को फिर मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से कैबिनेट मंत्री जिन्हें बनाया जा सकता है उनमें सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देबी, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, समाज कल्याण असीम अरूण हो सकते हैं।
मौजूदा मंत्रिमंडल
वर्तमान में मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री समेत 21 कैबिनेट मंत्री हैं। 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्य मंत्री हैं। अधिकतम 60 मंत्री ही बनाए जाने के कारण यदि किसी को मंत्रिमंडल से हटाया नहीं जाता है तो छह ही और मंत्री बन सकते हैं।
भाजपा विधायकों का जातीय समीकरण
वर्तमान में भाजपा के 258 विधायक हैं। इनमें से 45 राजपूत, 42 ब्राह्णण, ओबीसी के 84, एससी के 59 और अन्य सवर्ण विधायक की संख्या 28 हैं। इसी तरह 100 सदस्यों वाली विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं। इनमें राजपूत 23, ब्राहम्ण 14, ओबीसी 26, मुस्लिम 02 और अन्य सवर्ण 12 और एससी वर्ग के दो सदस्य हैं।
दो वर्ष पहले हुआ था पहला विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च 2024 को हुआ था। तब सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए पिछड़े, दलित, अगड़े के साथ ही पूरब से पश्चिम को साधते हुए चार नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे।
इनमें सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, भाजपा एमएलसी दारा सिंह चौहान, मुजफ्फरनगर की पुरकाजी सीट से रालोद विधायक अनिल कुमार और गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से भाजपा विधायक सुनील कुमार शर्मा मंत्री बने थे।
इसके साथ कैबिनेट मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री योगी सहित 22 हो गई है लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री बन गए थे। इस तरह से वर्तमान में 21 कैबिनेट मंत्री हैं।
मौजूदा मंत्रिमंडल का जातीय समीकरण
योगी आदित्यनाथ 2.0 सरकार जब गठित हुई उस समय पिछड़ा वर्ग के 20, आठ दलित, सात ब्राह्मण, छह राजपूत, चार वैश्य, दो भूमिहार मंत्री बनाय गये थे। पहले विस्तार में दो पिछड़े वर्ग मंत्रियों में बढ़ोत्तरी हुई, जिससे मंत्री पिछड़े वर्ग के मंत्रियों की संख्या 22 हो गई।
इसके अतिरिक्त एक सुनील शर्मा ब्राह्मण को मंत्रिमंडल में स्थान मिला, लेकिन जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री बन गये, जिससे ब्राहमण मंत्रियों की संख्या सात ही रही। अलबत्ता अनिल कुमार के रूप में दलित मंत्रियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई थी।
दिल्ली से पर्ची आ गई क्या: अखिलेश यादव
योगी मंत्रिमंडल के रविवार को होने वाले विस्तार को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज किया है। उन्होंने मंत्रिमंडल में महिलाओं को आरक्षण देने की भी मांग उठाई है।
सपा प्रमुख ने शनिवार को एक्स पर लिखा, दिल्ली से पर्ची आ गयी क्या? सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यू कहें कि मुख्यमंत्री की शक्ति का ‘कटाव-छटाव’ हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है, उनसे भी तो कोई पूछ ले। हमारी मांग है कि यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पर तंज करते हुए आगे लिखा, वैसे ये सवाल भी कुलबुला रहा है: ‘अगल-बगल’ की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर वो ‘अगलें-बगलें’ ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ़ रील बनाते…।
