‘वो तो कहो गांधी आश्रम का मजबूत कुर्ता था…’, अखिलेश यादव ने लगाया पुलिस पर कपड़े फाड़ने की कोशिश का आरोप

‘वो तो कहो गांधी आश्रम का मजबूत कुर्ता था…’, अखिलेश यादव ने लगाया पुलिस पर कपड़े फाड़ने की कोशिश का आरोप

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश करते समय दिल्ली पुलिस पर उनका कुर्ता फाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ये पुलिस की ट्रेनिंग में कहां से आ गया. सपा अध्यक्ष ने कहा कि मेरा कुर्ता मजबूत था, गांधी आश्रम का बना था इसलिए वो फटा नहीं. लेकिन, वो उस पुलिसवाले को पहचानते हैं.

अखिलेश यादव ने बुधवार को संसद में पत्रकारों से हुई बातचीत में ये बात कही. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “हमारे कपड़े पकड़ रहे थे पुलिस वाले, बताईए ट्रेनिंग किसने दी आपको कि आप कपड़े फाड़ देंगे. मैंने उसे खुद देखा और कहा कि भाई तू कुर्ता क्यों फाड़ रहा है पुलिस वाले? मैं उसकी शक्ल पहचान गया और मैंने उसका हाथ पकड़ लिया तो वो भाग गया. अगर उसे खड़ा कर दो तो मैं पहचान लूंगा.”

‘पुलिसवाले ने कुर्ता फाड़ने की कोशिश की’

पुलिस के रवैया पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मेरे सामने अगर उस पुलिस वाले को खड़ा कर दो, तो मैं अभी बता सकता हूं कि कुर्ता किस पुलिस वाले ने पकड़ा था. इसकी तो तस्वीरें हैं, वीडियो है… अगर मेरा कुर्ता मजबूत नहीं होता और वो गांधी आश्रम का कुर्ता नहीं होता, तो दिल्ली की पुलिस मेरा कुर्ता फाड़ देती. मेरी सदरी भी मजबूत थी, वो बच गई सदरी.

उन्होंने कहा कि पुलिस कपड़ा क्यों फाड़ने लगी, ये ट्रेनिंग किसने दी है. आप चोट लग रही मान लीजिए, राहुल गांधी जी को चोट लग गई. सपा सांसदों के साथ क्या व्यवहार हुआ?

अखिलेश यादव ने पुलिसकर्मी पर लगाए आरोप

बता दें कि मंगलवार को छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में तमाम कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करने पहुंचे थे, राहुल गांधी के आह्वान पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी थोड़ी देर बात अपने समर्थकों के साथ वहां पहुँच गए, जिसके बाद पुलिस ने वहां से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की.

इस दौरान पुलिस कर्मी पीएम आवास के सामने प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को भी जबरन उठाकर ले गई. विपक्षी दलों के इतने बड़े नेताओं के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.