बागपत टोल प्लाजा पर बवाल, प्रभारी मंत्री के काफिले की गाड़ियों में तोड़फोड़

बागपत टोल प्लाजा पर बवाल, प्रभारी मंत्री के काफिले की गाड़ियों में तोड़फोड़

उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर के काठा टोल प्लाजा पर टोल को लेकर जमकर बवाल हुआ. बागपत के प्रभारी राज्य मंत्री जसवंत सैनी के काफिले में शामिल गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. इस दौरान दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और सरिया चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए. घायलों में भाजपाइयों के साथ टोल प्लाजा के आपरेशन मैनेजर और शिफ्ट इंचार्ज भी शामिल हैं.

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.लेकिन अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी. इस दौरान टोल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जबकि टोल कर्मी भी अपने ऊपर हमले का आरोप लगा रहे हैं.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, मंगलवार सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी का काफिला काठा टोल प्लाजा से गुजर रहा था. टोल जमा करने को लेकर काफिले में शामिल लोगों और टोल स्टाफ के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया. आरोप है कि दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे और सरिया से हमला किया गया. कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई.

काफिले में शामिल मोहम्मद कैप उर्फ भोला घायल हो गए, जिन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सहारनपुर जिलाध्यक्ष चौधरी हैदर अली समेत अन्य लोगों ने भी टोल स्टाफ पर हमला करने और वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है.

टोल कर्मियों ने बैरियर तोड़ने का आरोप लगाया

वहीं टोल प्लाजा मैनेजर अंकित धामा का आरोप है कि टोल नहीं देने और बूम बैरियर तोड़ने का विरोध करने पर 20 से 25 लोगों ने स्टाफ पर हमला कर दिया.आपरेशन मैनेजर डा. बुद्धि प्रकाश पारीक और शिफ्ट इंचार्ज हरीश चंद सिंह घायल हुए.  डा. पारीक की नाक की हड्डी में फ्रैक्चर होने पर उन्हें मेरठ मेडिकल कालेज रेफर किया गया.

दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली है. कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार चाहल के मुताबिक टोल प्लाजा स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.

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