‘रेट पूछे गए थे..’, बांसुरी स्वराज ने ‘पितृसत्ता’ के मुद्दे पर राहुल को घेरा

‘रेट पूछे गए थे..’, बांसुरी स्वराज ने ‘पितृसत्ता’ के मुद्दे पर राहुल को घेरा

New Delhi : बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव सेट करने का आरोप लगाते हुए पुणे में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर ‘पितृसत्ता को खत्म करो'( Smash the Patriacrchy) के मुद्दे पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि इससे पूरी तरह सहमत हूं. लेकिन राहुल गांधी से पूछना चाहती हूं कि इस मुद्दे का यह नारा पुणे के स्टेज तक ही सीमित रखते हैं? इसके अलावा कंगना रनौत समेत तमाम मुद्दे बांसुरी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिनाते हुए, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा है.

बांसुरी ने अपने बयान में कहा, ‘Smash the Patriarchy, मैं इसके लिए पूरी तरह सहमत हूं. मैं राहुल गांधी जी से पूछना चाहती हूं कि क्या आप ‘Smash the Patriarchy’ का नारा पुणे के स्टेज तक ही सीमित रखते हैं, और आप अपनी कांग्रेस पार्टी में राजनीतिक पितृसत्ता को संरक्षण देते रहते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी के पास न कोई विजन है, न कोई सकारात्मक एजेंडा. इसलिए अब उनकी रिसर्च टीम, जो भी पर्ची लिखकर दे देती है, उसी से वो देश के वोटर्स और युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं.’

कंगना रनौत पर जब अभद्र टिप्पणी की, तो चुप्पी साध ली थी: बांसुरी

उन्होंने कहा, ‘जब हमारी मंडी की सांसद कंगना रनौत जी को टिकट मिला, तब कांग्रेस पार्टी की एक महिला नेता सुप्रिया श्रीनेत जी के सोशल मीडिया अकाउंट से अभद्र टिप्पणी की गई थी. याद है आपको, रेट पूछा गया था… तब राहुल गांधी ने चुप्पी साध ली थी. मैंने ही इस मामले के खिलाफ शिकायत की थी.’

बांसुरी ने कहा, ‘अप्रैल 2024 में रणदीप सुरजेवाला जी ने कैथल की एक रैली में भाजपा की सांसद हेमा मालिनी जी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी, लेकिन राहुल गांधी जी ने मौन साध लिया था. अधीर रंजन चौधरी जी ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर अपमानित किया था. लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मौन साध लिया. 22 अगस्त को उन्होंने पुणे के मंच से यह बयान दिया, जबकि 10 दिन पहले खुद राहुल गांधी जी संदीप दीक्षित के साथ एक बेहद ओछे मजाक में शामिल हुए थे. एक महिला प्रधानमंत्री के साथ, वो भी हमारे मित्र देश इटली की, जो वहां की वर्तमान प्रधानमंत्री हैं. आपने भारत में सिर्फ एक समुदाय को ही निशाना क्यों बनाया? जब मामला धर्म से जुड़ा होता है, तो “पितृसत्ता को खत्म करने” की बात क्यों बदल जाती है?’

बांसुरी ने कहा, ‘अगर आप सच में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते थे, तो जब सुप्रीम कोर्ट ने शाह बानो को गुज़ारा-भत्ता (मेंटेनेंस) देने का फ़ैसला सुनाया, तब कांग्रेस सरकार उस फ़ैसले को पलटने के लिए कानून क्यों लाई? और आपने तीन तलाक़ कानून का विरोध क्यों किया?’

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