राहुल गांधी की EC जाने की जिद: बैरिकेड्स पर चढ़े, तिरंगा लहराया, अब पेड़ के नीचे धरना

राहुल गांधी की EC जाने की जिद: बैरिकेड्स पर चढ़े, तिरंगा लहराया, अब पेड़ के नीचे धरना

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन का आज चुनाव आयोग तक मार्च के लिए जद्दोजहद जारी रहा. बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती और जगह-जगह बैरिकेडिंग और लगातार रोके जाने की वजह से सुबह 11 बजे संसद भवन से शुरू हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी. विपक्ष के सांसदों को हिरासत में ले लिया गया.

हालांकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य कुछ सांसद अड़े हैं. संसद भवन से चुनाव आयोग की दूरी करीब एक किलोमीटर है और पैदल सफर करीब 10 मिनट का है.

जैसे ही 11 बजे मार्च शुरू हुआ, कुछ दूर चलने के बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य नेता धरने पर बैठ गए. इसके बाद राहुल गांधी और टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी बैरिकेड्स पर चढ़ गए.

इस दौरान राहुल गांधी तिरंगा लहराते हुए नजर आए. ये तस्वीरें वायरल हो रही है. कुछ देर बाद राहुल गांधी-प्रियंका गांधी समेत अन्य सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. हालांकि वहां मौजूद भीड़ ने बस को घेर लिया. इसके बाद अन्य नेताओं के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरे और फिर चुनाव आयोग की तरफ जाने की कोशिश की.

इस बीच दोनों ही नेता कुछ सांसदों के साथ आकाशवाणी भवन में घुस गए. यहां वो पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए. काफी देर बीतने के बाद राहुल-प्रियंका साथ में समोसा खाते दिखे.

इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने धरने से उठने के लिए मनाने की भी कोशिश की. राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने की कोशिश की.

कांग्रेस के रुख पर सस्पेंस

दोपहर तीन बजे भी राहुल गांधी का धरना जारी रहा. आगे राहुल गांधी का क्या रुख होगा? ये तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है. जब पवन खेड़ा से आगे की रणनीति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सस्पेंस रहने दीजिए.

वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस ने एक्स पोस्ट में कहा, ”Fraands… चुनाव आयोग से बस 300 मीटर दूर…आकाशवाणी भवन में डेरा जम गया है. ये आकाशवाणी है – गद्दार ज्ञानेश को जाना होगा.”

बीजेडी का मिला साथ

विपक्ष के मार्च में लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शामिल हुए. दिलचस्प रहा कि ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजेडी भी इसमें शामिल हुई. पहली बार है जब इंडिया गठबंधन के कार्यक्रम में दिल्ली में बीजेडी शामिल हुई है.

हालांकि दो प्रमुख दलों अरविंद केजरीवाल की आप और एमके स्टालिन की डीएमके इंडिया गठबंधन के मार्च से दूर रही.  कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आज चुनाव आयोग तक निकाले गए विरोध मार्च में INDIA जनबंधन के सांसद शामिल थे. इस मार्च को निर्वाचन सदन के पास आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया गया. BJD के सांसद भी इसमें शामिल हुए.

उन्होंने कहा, ”इसमें कोई संदेह नहीं कि अन्य विपक्षी दल भी नैतिक रूप से इस मार्च के साथ थे, और वे दल भी जो फिलहाल कुछ समय के लिए NDA का हिस्सा हैं. वोट चोरी हो या परिसीमन, PM-HM की जोड़ी के कुटिल मंसूबों को नाकाम करने के लिए विपक्ष की यह एकजुटता निश्चित रूप से कायम रहेगी. भारतीय झूठ पार्टी की विदाई की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है.”

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “पहले भी चुनाव आयोग पर आरोप लगे हैं, चुनाव आयोग ने 2017, 2019, 2022, 2024 में बेईमानी की और बंगाल में पूरा का पूरा खुला खेल किया. चंडीगढ़ चाल कौन भूल जाएगा?”

मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा, संविधान नष्ट हो जाएगा, यह हिटलर के शासन जैसा हो जाएगा और पूरी जनता गुलामी में धकेल दी जाएगी. जो लोग आजाद हैं, उन्हें वापस गुलामी में धकेला जा रहा है. इसीलिए हम सभी INDIA गठबंधन में लड़ रहे हैं, हम लड़ते रहेंगे और हम इसे हासिल करेंगे.”

काले कपड़ो में प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि राहुल गांधी तीन साल से वोट चोरी के खिलाफ लड़ रहे है. दस हजार किलोमीटर चले है और जिस तरह से ज्ञानेश कुमार काम कर रहे है आज सबको पता है.

इस दौरान ‘डेमोक्रेसी नॉट फॉर सेल’, ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘बीजेपी ही सीईसी है’, ‘ज्ञानेश कुमार कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में’ और ‘एक कचौड़ी, दो समोसा ज्ञानेश कुमार पर क्या भरोसा’ जैसे नारे लगे. इसके साथ ही ज्ञानेश इट्स डन ब्रो और सीईसी को RSS की वर्दी में दिखाने वाले कटआउट भी प्रदर्शन में दिखाई दिए.

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