डिंपल सड़क पर, अखिलेश सदन में; छात्र आंदोलन पर सपा आक्रामक, कांग्रेस की भूमिका पर उठे सवाल

डिंपल सड़क पर, अखिलेश सदन में; छात्र आंदोलन पर सपा आक्रामक, कांग्रेस की भूमिका पर उठे सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों और सीजेपी (CJP) के आंदोलन ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी ने खुलकर छात्रों का समर्थन किया। एक ओर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव संसद के भीतर सरकार को घेरते नजर आए, तो दूसरी ओर सांसद डिंपल यादव सड़क पर उतरकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचीं। वहीं, कांग्रेस की अपेक्षाकृत शांत भूमिका को लेकर विपक्षी राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।

संसद से सोशल मीडिया तक सक्रिय रहे अखिलेश यादव

मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने छात्र आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में सरकार पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लगातार छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी।

जंतर-मंतर पहुंचीं डिंपल यादव, छात्रों के समर्थन में दिया संदेश

जब संसद के भीतर अखिलेश यादव सरकार को घेर रहे थे, उसी समय डिंपल यादव पार्टी के अन्य सांसदों के साथ जंतर-मंतर पहुंचीं। उनके साथ सांसद प्रिया सरोज, इकरा हसन, रुचि वीरा, धर्मेंद्र यादव सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव पुलिस प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताती दिखीं। उन्होंने बैरिकेडिंग पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बहस की और घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल भी जाना। डिंपल ने कहा कि छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया, छात्राओं के साथ अभद्रता हुई और यह लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दिन है।

कांग्रेस की भूमिका पर उठे सवाल

जहां समाजवादी पार्टी ने छात्र आंदोलन को लेकर आक्रामक रुख अपनाया, वहीं कांग्रेस की सक्रियता अपेक्षाकृत सीमित नजर आई। राहुल गांधी से जब आंदोलन को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और आगे बढ़ गए। उनके इस व्यवहार को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे।

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ये हमारे बच्चे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।” हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया। बाद में राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया।

छात्र आंदोलन बना विपक्ष की राजनीति का नया मुद्दा

नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के प्रदर्शन ने संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया अवसर दिया है। फिलहाल समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सबसे मुखर दिखाई दे रही है, जबकि कांग्रेस की शुरुआती प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति दोनों में प्रमुखता से गूंजने की संभावना है।