संसद मार्च पर बवाल: प्रदर्शनकारियों को रोका गया, अखिलेश यादव ने कविता के जरिए सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली। संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को सोमवार को संसद भवन के पास सुरक्षा बलों ने रोक दिया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कविता साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, “निराशा में आँख का पानी, जब समुंदर बन जाता है, ‘इंक़लाब’ तब आता है। कोई अपनी ताक़त पर जब सर उठाकर इठलाता है, ‘इंक़लाब’ तब आता है। हुकूमतों का घमंड-गुरूर जब पर्वत सा बन जाता है, ‘इंक़लाब’ तब आता है। दौर जब नाइंसाफी का हद पार कर जाता है, ‘इंक़लाब’ तब आता है। जब-जब देश का भविष्य दांव पर लग जाता है, ‘इंक़लाब’ तब आता है।”
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र
नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन पिछले कई दिनों से जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।
संसद के पास रोके गए प्रदर्शनकारी
निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। हालात बिगड़ने पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए करीब 20 से 25 मिनट तक आंसू गैस के गोले छोड़े गए। एहतियातन संसद का मुख्य प्रवेश द्वार भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया।
अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात
इस बीच, छात्रों के प्रदर्शन और नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई।
