यूपी चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल, कांग्रेस प्रभारी की स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात ने तेज किए गठबंधन के कयास
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। सभी राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने और नए समीकरण बनाने में जुटे हैं। इसी बीच कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और पूर्व कैबिनेट मंत्री व पूर्व समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।
स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचे राजेंद्र पाल गौतम
कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम इन दिनों प्रदेश में लगातार राजनीतिक बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। इसी क्रम में वह स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात की तस्वीरें स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
क्या कांग्रेस और मौर्य साथ आएंगे?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस मुलाकात को औपचारिक करार दिया। उन्होंने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि “कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी श्री राजेंद्र पाल गौतम जी का मेरे आवास पर आगमन हुआ एवं औपचारिक भेंट-वार्ता हुई।”
हालांकि दोनों नेताओं की ओर से किसी राजनीतिक समझौते या गठबंधन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस मुलाकात के बाद यह अटकलें जरूर लगाई जा रही हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों पक्ष किसी संभावित सहयोग पर विचार कर सकते हैं।
सपा-कांग्रेस संबंधों पर भी बढ़ी चर्चा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। हाल ही में अपने यूपी दौरे के दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया था कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मजबूत प्रदर्शन करेगी और प्रदेश में उसकी सरकार बनने की संभावना है। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधन और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है।
नए सहयोगियों की तलाश में कांग्रेस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश में अपने संगठन के विस्तार के साथ-साथ नए सहयोगियों की तलाश में भी सक्रिय है। इससे पहले राजेंद्र पाल गौतम बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से मुलाकात के लिए भी उनके आवास पहुंचे थे, हालांकि उन्हें मुलाकात का समय नहीं मिल सका और वे वापस लौट गए।
फिलहाल स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस के बीच हुई मुलाकात को दोनों पक्षों ने औपचारिक बताया है। ऐसे में किसी संभावित गठबंधन को लेकर स्थिति तभी स्पष्ट होगी जब संबंधित दल आधिकारिक रूप से कोई घोषणा करेंगे।
