लिंग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करता पोक्सो एक्ट: मनोज पंडित

लिंग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करता पोक्सो एक्ट: मनोज पंडित
  • सहारनपुर में जेवी जैन कालेज में आयोजित सेमिनार में पोक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देते डीसीडीआरसी मनोज पंडित।

सहारनपुर। जेवी जैन महाविद्यालय के विधि विभाग के तत्तावाधान में लैंगिग अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम 2012 पर सेमीनार का आयोजन किया गया, जिसमें पोक्सो एक्ट के प्रावाधान एंव देश में दर्ज मामलों की जानकारी दी गयी।

आज महाविद्यायय के सभागार में आयोजित सेमीनार में मुख्य वक्ता पोक्सों अधिनियम के सहारनपुर में प्रथम विशेष लोक अभियोजक रहे तथा वर्तमान में जिला उपभोक्ता न्यायालय (डीसीडीआरसी) बिजनौर में मजिस्ट्रेट/सदस्य मनोज कुमार पंडित ने बताया कि भारत में वर्ष 2024 में बच्चों के विरुद्ध अपराध के 187702 मामले दर्ज हुए, जिनमें सर्वाधिक पोक्सों (यौन शोषण) तथा अपहरण के थे। उन्होंने कहा कि पोक्सो एक्ट स्वयं में एक सम्पूर्ण तथा समर्थ अधिनियम है, जिसमें बालकों के प्रत्येक प्रकार के यौन अपराधों तथा उनके लिए कठोर दण्ड का प्रावधान है। साथ ही यह  यह अधिनियम लिंग के माधार पर पीडित के प्रति किसी प्रकार का भेदभाव नही करता अर्थात बालक शब्द लड़के एवं लड़की दोनों के लिए प्रयुक्त हुआ है। विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए कहा कि मनोज पंडित ने 22 वर्ष पूर्व इसी कॉलेज से एलएलबी किया था। उन्होंने पोक्सो अधिनियम तथा यौन अपराधों से बालकों की सुरक्षा के लिए समाज को जागरूक करने पर पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रो. पूनम शर्मा, प्रो. मनीषा सैनी, प्रो. नीता कौशिक,  अरुणा वर्मा, प्रो. अशोक कुमार शर्मा, हरिबंश सहित विधि स्नातक (एलएलबी) के सैंकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।

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