प्रदेश सरकार के सहारनपुर मे प्रस्तावित उद्यौगिक गलियारे का विरोध शुरू

प्रदेश सरकार के सहारनपुर मे प्रस्तावित उद्यौगिक गलियारे का विरोध शुरू
  • कुम्हारहेडा में कोरीडोर के विरोध मे आयोजित पंचायत का द्श्य

नकुड 2 मई इंद्रेश। योगी सरकार के सहारनपुर मे इंडस्टरीज कोरीडोर का विरोध शुरू हो गया है। कोरीडोर के लिये प्रस्तावित भूमिअधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने कोरीडोर के लिये अपनी जमीन न देने का ऐलान कर दिया है।

कुम्हारहेडा में आयोजित किसानो की एक पंचायत में किसानो ने कहा कि उनकी जमीनें उपजाउ जमीन है। उद्योगिक गलियारे के लिये कम उपजाउ जमीन का चयन किया जाना चाहिए । ताकि किसानों को नुकसान न हो। किसानो का कहना है कि यह जमीन उनकी पैतृक जमीन है। उनसे अगर जमीन छिनी गयी तो उनके परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का सकंट खडा हो जायेगा।
किसानों मे नाराजगी सरकार की अधिग्रहण निति पर है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार उनकी जमीन का अधिग्रहण करती है तो उन्हे सरकारी दरों का करीब चार गुना मुआवजा दिया जायेगा। जो लगभग 18 लाख रूपयें प्रति बीघा होता हैं । जबकि उनकी उपजाउ जमीन के वर्तमान बाजारी दर पेंतिस से साठ लाख रूपयें तक है। ऐसे मे किसान सस्ती दर से जमीन देकर मंहगी दर से जमीन नंही खरीद पायेगा। उसके सामने रोजी रोटी का संकट खडा हो जायेगा।

पंचायत मे मौजुद महिलाओं ने स्पष्ठ किया कि जब बिडवी में गन्ना मिल लगाया गया तो उन्हे मिल मंे नोकरी देने का वायदा किया गया था। जो पूरा नंही किया गया। जो कुद व्यक्ति मिल लगाये भी गये थे। बाद में उन्हे भी निकाल दिया गया। किसानो के इस विरोध से प्रदेश सरकार की सहारनपुर में उद्योगिक गलियारा बनाने की योजना पर गृहण लग सकता है। गौरतलब है कि प्रस्तावित उद्यौगिक गलियारे ंमे नकुड तहसील के भी कुछ गांव शामिल किये गये है। पंचायत में जिलेदार सिंह, अनिल, अनुरूद्ध चैधरी, सुनिता, सुरेश अमीन, अनिल प्रधान, नरेंद्र सैनी, सत्यप्राकश व शेखर सहित सैकडो किसान उपस्थित रहे।

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