सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने रहने के रिकॉर्ड पर रूस ने पीएम मोदी को कहा ‘डोयन’, जानें इसका आखिर क्या होता है मतलब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का नया रिकॉर्ड बना लिया है. 4,399 दिनों के कार्यकाल के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है. इस उपलब्धि पर रूस समेत दुनिया के कई देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है. खास बात यह रही कि रूस ने पीएम मोदी को ‘डोयन’ (Doyen) कहा. इसके बाद यह शब्द चर्चा का विषय बन गया. आखिर ‘डोयन’ का क्या मतलब होता है और रूस ने पीएम मोदी के लिए इसका इस्तेमाल क्यों किया, आइए जानते हैं.
रूस ने पीएम मोदी को बताया ‘डोयन’
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि 10 जून को वह सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं. अपने वीडियो संदेश में पेस्कोव ने कहा कि ‘डोयन’ उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो किसी पद पर सबसे लंबे समय तक रहा हो या अपने क्षेत्र में सबसे वरिष्ठ और अनुभवी माना जाता हो. इसी वजह से पीएम मोदी को ‘डोयन ऑफ इंडियन प्राइम मिनिस्टर्स’ कहा गया है. मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने भी पेस्कोव का यह संदेश साझा किया.
4,399 दिनों के साथ मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहकर एक नया इतिहास रच दिया है. उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद 30 मई 2019 को दूसरी बार और 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने.
आम परिवार से निकलकर देश के शीर्ष पद तक पहुंचे: पेस्कोव
दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि नरेंद्र मोदी एक सामान्य परिवार से आते हैं और अपने परिश्रम तथा राजनीतिक सफर के दम पर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और लगभग डेढ़ अरब आबादी वाले देश के शीर्ष नेता बने हैं. उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है.
भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति की भी सराहना
रूसी प्रवक्ता ने भारत को तेजी से आगे बढ़ती वैश्विक आर्थिक ताकत बताया. उन्होंने कहा कि भारत उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देश व्यापार, अर्थव्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.
