‘ना नौ मन गेंहू होगा, ना..’, अखिलेश के वादे पर OP राजभर ने साधा निशाना
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटरों को लेकर सियासत गर्म हो गई है. समाजवादी पार्टी ने बुधवार को महिलाओं को रिझाने के लिए स्त्री सम्मान योजना का ऐलान किया, जिस पर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि जब सपा सरकार थी तब उन्हें महिलाएं नहीं दिखाई नहीं दी.
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी द्वारा महिलाओं को भत्ता दिए जाने के वादे पर कहा, “अखिलेश यादव 5 साल मुख्यमंत्री थे. 5 साल में उनको पिछड़े, दलित, महिला और नौजवान नहीं दिखाई दिए. आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि महिलाओं को लखपति दीदी बनाएंगे. तब किसी को समझ नहीं आया कि वो क्यों ऐसी बोल रहे हैं?
अखिलेश यादव के वादे पर पलटवार
पीएम मोदी का उद्देश्य था कि हर महिला को साल भर में 1 लाख रुपये तक कमाने के लिए रोजगार देंगे. उसी कड़ी में राजस्थान, मध्य प्रदेश, बंगाल, बिहार और अब उत्तर प्रदेश में चुनाव है. जो वादा उन्होंने किया है उसके तहत महिलाओं के खाते में पैसा रोजगार करने के लिए दिया जा रहा है.”
राजभर ने कहा कि महिलाओं की सबसे बड़ी दुश्मन अगर कोई पार्टी है तो वो समाजवादी पार्टी और काँग्रेस पार्टी है. महिलाओं के आरक्षण का विरोध किसने किया? ये अखिलेश जी के समझ में नहीं आता कि हम क्या कर रहे हैं. विपक्ष की भूमिका निभाओ ये हम नहीं कहते कि मत निभाओ लेकिन आधी आबादी के अधिकार की बात हो तो आप विरोध करते हो कि हम महिलाओं का आरक्षण लागू नहीं होने देंगे.
सपा-कांग्रेस को बताया महिला विरोधी
राजभर ने कहा कि आपने सदन नहीं चलने दिया और बाहर सिर पर डिब्बा रखकर ड्रामा कर रहे हो. जनता ने चुनकर भेजा है तो ड्रामा करने के लिए नहीं सदन के अंदर चर्चा करके क़ानून बनाने के लिए, कि वो क़ानून लोकसभा, राज्यसभा में पारित होगा. वो धरातल पर उतरेगा. जिसको सिर पर लेकर नाच रहे हैं उसमें एक भी बीजेपी का नेता है या साधु संत हैं?
ये सिर्फ सरकार को बदनाम करने की साज़िश हो रही है. इनकी एक ही सुध है कि हम विरोध करेंगे. ये कह रहे हैं कि हम 40 हज़ार रुपये देंगे. अरे ना नौ मन गेंहू होई, ना राधा नाचेगी.
