मोदी कैबिनेट की आज बैठक, EPF वेतन सीमा बढ़ाने समेत कई प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी। बैठक में सामाजिक सुरक्षा, डेटा संरक्षण और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर फैसला होने की संभावना है। इनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव EPF/EPS की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का बताया जा रहा है।
EPF की वेतन सीमा 25 हजार रुपये करने का प्रस्ताव
मौजूदा व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों का बेसिक वेतन और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर 15,000 रुपये तक है, उनके लिए EPF/EPS कवरेज अनिवार्य है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर यह सीमा बढ़कर 25,000 रुपये हो सकती है।
इस बदलाव से 25,000 रुपये तक बेसिक वेतन और DA पाने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य EPF-EPS कवरेज के दायरे में लाया जा सकता है। इससे संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
Data Protection Board के गठन पर भी फैसला संभव
कैबिनेट की बैठक में Data Protection Board के गठन के लिए आवश्यक पदों के सृजन के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। यह बोर्ड डिजिटल व्यक्तिगत डेटा से जुड़े मामलों और डेटा उल्लंघन की शिकायतों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
किसी कंपनी या संस्था के पास नागरिकों का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल या आधार जैसी निजी डिजिटल जानकारी होने पर उसकी सुरक्षा से जुड़े नियम लागू होते हैं। डेटा लीक या डेटा ब्रीच की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की व्यवस्था की जा सकती है।
रूस के साथ क्रिटिकल मिनरल्स पर MoU
इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और रूस के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हाल ही में दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई थी। पुतिन 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे।
भारत इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक से जुड़े क्षेत्रों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत ने कई देशों के साथ इस क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौते किए हैं, जबकि कुछ अन्य देशों के साथ बातचीत जारी है।
