यूपी में किराए के मकान में रहते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर, नियमों में बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रदेश में किरायेदारी व्यवस्था को आसान बनाने के लिए अहम फैसला लिया गया. सालाना 10 लाख तक के किराए पर यह बदलाव किया गया है. 10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी/पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क एवं पंजीयन फीस में छूट को संशोधित करते हुए शुल्क व्यवस्था को सरल और किफायती बनाया गया है. इससे मकान, दुकान या गोदाम किराये पर लेने-देने वालों को बड़ी राहत मिलेगी.
स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अभी किसी व्यक्ति द्वारा मकान, दुकान या गोदाम किराये पर देने अथवा लेने पर स्टांप शुल्क की गणना सर्किल रेट के आधार पर होती थी. इससे किरायानामा तैयार कराकर उसका पंजीयन कराने में लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता था.
10 लाख पर 4, 500 रुपए वार्षिक शुल्क
योगी सरकार ने अब इस व्यवस्था को सरल करते हुए निर्धारित शुल्क की व्यवस्था की है. इसके तहत दो लाख रुपये तक की सालाना किराया राशि पर 1,000 रुपये, छह लाख रुपये तक 3,000 रुपये और 10 लाख रुपये तक 4,500 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है.
23 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
इससे पहले सीएम आवास पर हुई बैठक में 23 महत्वपूर्ण प्रस्त्वाओं को मंजूरी मिली है. जिसमें प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और किसानों को आसान दरों पर कर्जा व पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने जैसे कदम शामिल हैं.यहां बता दें कि एक हजार करोड़ से अधिक कीमत में 15.172 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा. छह लेना का हाईस्पीड एक्सप्रेसवे होगा.
इसके साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले परिषदीय प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा,इससे सरकारी स्कूल में शिक्षा का स्टार और बेहतर हो सकेगा. वहीं सरकार किसानों को लेकर भी गंभीर है. किसानों को छह प्रतिशत की दर से छह लाख तक का लोन मिल सकेगा.इसके लिए यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की मदद ली जाएगी.
