अमरनाथ यात्रा को लेकर महबूबा मुफ्ती का बयान, कहा-मुसलमानों के लिए नफरत…

अमरनाथ यात्रा को लेकर महबूबा मुफ्ती का बयान, कहा-मुसलमानों के लिए नफरत…

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सालाना अमरनाथ यात्रा और लाखों हिंदू तीर्थयात्रियों की सुरक्षा तय कर भारत में मुसलमानों के प्रति फैली नफरत और गलत जानकारी को मिटाने का अवसर है. उन्होंने कश्मीर के लोगों से अपील की कि वो यह सुनिश्चित करें कि तीर्थयात्री घाटी और यहां के लोगों की अच्छी यादों के साथ घर लौटें.

पहलगाम में होटल मालिकों, टट्टू और टैक्सी मालिकों, स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित लोगों से बात करते हुए मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर आने वाले हर तीर्थयात्री को एक मेहमान और एक ऐसे राजदूत के तौर पर देखा जाना चाहिए जो देश के अलग-अलग हिस्सों में कश्मीर की कहानी ले जाएं.

मुफ्ती ने कहा- नफरत मिटाने का मौका है यात्रा

लोगों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि तीर्थयात्रियों का स्वागत और उनके साथ व्यवहार करने का तरीका, नकारात्मक सोच को बदलने का समय है. यह अलग-अलग इलाकों और समुदायों के लोगों के बीच रिश्ते मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

महबूबा ने जोर देकर कहा, “हमारे यहां आने वाला हर अमरनाथ यात्री कश्मीर का मेहमान होता है. वे हमारी जमीन, हमारे लोगों और हमारी मान्यताओं की कहानी भारत के हर कोने तक पहुंचाते हैं. यह हमारी जिम्मेदारी है कि वो हमारे प्यार, अपनापन और मेहमाननवाजी की यादों के साथ लौटें. इसी तरह हम कश्मीर की आत्मा की रक्षा करते हैं और मुसलमानों के खिलाफ बनाई गई झूठी बातों का मुकाबला करते हैं.”

‘यात्रियों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा की सुरक्षा को केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी के तौर पर नहीं, बल्कि कश्मीर के लोगों की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर देखा जाना चाहिए. मुफ्ती ने कहा,  “यात्रा की सुरक्षा सिर्फ सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, यह कश्मीर के लोगों का सामूहिक फर्ज है. नफरत और बंटवारे के बढ़ते दौर में, यह यात्रा भाईचारा बढ़ाने, इंसानी रिश्ते मजबूत करने और पूरे भारत में दूरियां कम करने का एक मौका बननी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि बंटवारे और अविश्वास के बढ़ते दौर में, यह यात्रा आपसी समझ को बढ़ावा देने, इंसानी रिश्ते मजबूत करने और कश्मीर की मिल-जुलकर रहने की परंपराओं को मज़बूत करने का मौका देती है. महबूबा ने कहा कि घाटी की यात्रा के बाद घर लौटने वाले तीर्थयात्री अक्सर कश्मीर की संस्कृति, मेहमाननवाजी और सामाजिक मूल्यों के प्रत्यक्ष गवाह बनते हैं, जिससे हर बातचीत अहम हो जाती है.

‘यात्री राजदूत के समान’

PDP अध्यक्ष मुफ्ती ने कहा, “यात्री ऐसे राजदूत होते हैं जो कश्मीर के अपने अनुभव को अपने घरों और समुदायों तक ले जाते हैं. हर बातचीत कश्मीर की मेहमाननवाजी, दया और मिल-जुलकर रहने की परंपराओं को दिखाने का एक मौका होती है.” महबूबा ने आगे कहा, “कश्मीर और मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही गलत जानकारी और पूर्वाग्रह का मुकाबला सच्चे मानवीय जुड़ाव और हर तीर्थयात्री के दिल से स्वागत करके ही सबसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है.”

यात्रियों के साथ जुड़ाव कश्मीरियों की असली भावना दर्शाएगी

उन्होंने कहा कि कश्मीर और यहां के लोगों के प्रति पूर्वाग्रह और गलत जानकारी का समाधान राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सीधे संपर्क और सच्चे मानवीय जुड़ाव से ही किया जा सकता है. लोगों की ज़्यादा भागीदारी की अपील करते हुए महबूबा ने कहा कि यह तीर्थयात्रा एक ऐसी प्रक्रिया होनी चाहिए, जिसे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और समर्थन मिले और जिसका स्वामित्व भी स्थानीय लोगों के पास हो, ताकि यह कश्मीर और वहां के लोगों की असली भावना को दर्शा सके.

गौर हो कि देश भर से हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने वाली और हिमालयी क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक, सालाना अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 29 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी.

Leave a Reply