हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ FIR, ‘शुद्धिकरण’ विवाद में बढ़ी कानूनी मुश्किलें
हल्द्वानी: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय से जुड़े एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार, जवाहर नगर निवासी और ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ के सदस्य अमित कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 29 अगस्त को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणी से वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किए जाने को लेकर विवाद पैदा हुआ था। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने इस आयोजन की आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ की रस्म को लेकर सवाल उठाते हुए इसे SC/ST (अत्याचार निवारण) कानून का उल्लंघन बताया था और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
राहुल गांधी ने कहा था कि ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाना अपराध है और केंद्र तथा राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को न्याय मिले।
शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
अमित कुमार का कहना है कि वह खुद अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और घटना के दौरान रामलीला मैदान में मौजूद थे। उनके मुताबिक, मैदान में कराया गया अनुष्ठान किसी राजनीतिक रैली से जुड़ा नहीं था और इसमें अनुसूचित जाति समेत अलग-अलग समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया था।
कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अनुष्ठान में शामिल लोगों को ‘छुआछूत मानने वाला’ और ‘दलित विरोधी’ बताकर पूरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
शिकायत दर्ज कराने के दौरान उनके साथ न्यास के सदस्य विनोद आर्य भी मौजूद रहे। उन्होंने राहुल गांधी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए दावा किया कि अनुष्ठान में दलित समुदाय के लोग भी शामिल थे।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले को लेकर अब राजनीतिक विवाद और तेज होने के आसार हैं। एक तरफ शिकायतकर्ता राहुल गांधी की टिप्पणी को समुदाय का अपमान बता रहा है, वहीं कांग्रेस इस पूरे प्रकरण को खड़गे के खिलाफ कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना से जोड़कर देख रही है।
