लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में किसान मोर्चा का आज ‘रेल रोको’ आंदोलन, इतनी देर रहेगी बंद

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में किसान मोर्चा का आज ‘रेल रोको’ आंदोलन, इतनी देर रहेगी बंद
  • संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखीमपुर खीरी कांड को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करते हुए आज छह घंटे तक देशव्यापी ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया है.

लखनऊ: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखीमपुर खीरी कांड को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करते हुए आज छह घंटे तक देशव्यापी ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया है. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि ‘रेल रोको’ विरोध के दौरान आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सभी ट्रेन यातायात छह घंटे के लिए रोक दिया जाएगा. संयुक्त किसान मोर्चा अजय मिश्रा टेनी को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने की मांग कर रहा है. लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा टेनी आरोपी है.

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, “अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग पर दबाव बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने 18 अक्टूबर को एक राष्ट्रव्यापी रेल रोको कार्यक्रम की घोषणा की है. किसान मोर्चा ने 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच छह घंटे के लिए रेल यातायात को रोकने के लिए अपने सभी किसान संघों से यह आह्वान किया. इस दौरान किसान मोर्चा ने सभी से रेलवे संपत्ति को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं करने और शांतिपूर्वक आंदोलन में हिस्सा लेने का ऐलान किया है.

बयान में कहा गया है, किसान मोर्चा ने कहा है कि “संयुक्त किसान मोर्चा अजय मिश्रा टेनी को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने की मांग कर रहा है. साथ ही कहा है कि यह स्पष्ट है कि अजय मिश्रा केंद्र सरकार में गृह मामलों के राज्य मंत्री हैं, ऐसे में इस मामले में न्याय मिलने की संभावना नहीं है. “उन्होंने अपने भाषणों में हिंदुओं और सिखों के बीच नफरत, दुश्मनी और सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा दिया. टेनी के वाहन को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए इस्तेमाल किए गए थे.

लखीमपुर खीरी में हुई थी आठ लोगों की मौत

लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), किसान संघ ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने एक किसान को गोली मार दी थी, जबकि अन्य को उनके काफिले के वाहनों ने कुचल दिया था. 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में मारे गए आठ लोगों में से चार किसान थे, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रहे एक वाहन ने टक्कर मार दी थी. अन्य मृतकों में भाजपा के दो कार्यकर्ता और उनका चालक शामिल है. किसानों ने दावा किया है कि वाहनों में से एक में आशीष मिश्रा भी सवार थे. बाद में अजय मिश्रा ने इस आरोप का खंडन किया था और कहा था कि उनका बेटा घटना स्थल पर मौजूद नहीं था. विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आरोपी आशीष मिश्रा को क्राइम ब्रांच में पेश कर जेल भेज दिया है.


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