होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा बयान, ट्रंप बोले- “मैं नहीं बताऊंगा कि आगे क्या करने जा रहा हूं”

होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा बयान, ट्रंप बोले- “मैं नहीं बताऊंगा कि आगे क्या करने जा रहा हूं”

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के पहले चरण के बाद दोनों देशों ने अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमति जताई है। 17 जून को 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद हुई करीब 18 घंटे लंबी बैठक को इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इसी बीच ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि वह अपनी आगे की रणनीति सार्वजनिक नहीं करेंगे।

ईरान युद्ध के बाद जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा होर्मुज़

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य अब पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब ईरान की व्यवस्था और नियमों के तहत संचालित किया जाएगा। इस बयान को क्षेत्र में ईरान की रणनीतिक स्थिति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिका को चाहिए 80 अरब डॉलर का अतिरिक्त रक्षा बजट

पेंटागन ने अमेरिकी सीनेटरों को बताया है कि उसे करीब 80 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि की जरूरत होगी। बताया जा रहा है कि यह धनराशि मुख्य रूप से ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान और उससे जुड़ी तैयारियों के लिए होगी। हालांकि, व्हाइट हाउस के प्रबंधन एवं बजट कार्यालय की ओर से अभी तक कांग्रेस के सामने कोई औपचारिक प्रस्ताव पेश नहीं किया गया है। इस बीच रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ कैपिटल हिल में सांसदों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान हालिया समझौते के तहत किए गए अपने वादों का पालन नहीं करता है तो अमेरिका उचित कदम उठाएगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता या सही तरीके से व्यवहार नहीं करता तो मैं वही करूंगा, जो आवश्यक होगा।”

परमाणु निरीक्षकों को लेकर ईरान ने किया इनकार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे को ईरान ने खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को देश में प्रवेश की अनुमति देने के लिए तैयार हो गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग केवल मौजूदा सुरक्षा समझौतों और ईरान के कानूनी ढांचे के अनुसार ही जारी रहेगा।

जमे हुए फंड और तेल प्रतिबंधों पर क्या बोला ईरान?

मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद 11 के तहत 6-6 अरब डॉलर की दो किस्तों में ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी किया जाना है। उन्होंने बताया कि कतर दौरे के दौरान शुरुआती सहमति बन गई थी और स्विट्जरलैंड में इसकी अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई।

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 10 के तहत कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े बैंकिंग, बीमा एवं परिवहन क्षेत्र से जुड़े प्रतिबंधों को अंतिम समझौता होने तक हटाने की प्रक्रिया तय की गई है।

नेतन्याहू को लेकर ट्रंप का जवाब

जब ट्रंप से पूछा गया कि वह अमेरिका-ईरान वार्ता में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से किसी संभावित बाधा को कैसे रोकेंगे, तो उन्होंने कहा, “मैं आपको नहीं बताऊंगा कि मैं क्या करने जा रहा हूं, लेकिन यह मामला सुलझ जाएगा। मैं समस्याओं को बहुत तेजी से हल करता हूं, जिसमें बीबी (नेतन्याहू) का मामला भी शामिल है।”

ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब नेतन्याहू ने कहा था कि इज़राइली सेना लेबनान में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी।

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