रणदेवा के मे सुदर की संदिग्ध अवस्था मे मृत्यु के मामले मे तीन दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, परिजनो मे रोष

रणदेवा के मे सुदर की संदिग्ध अवस्था मे मृत्यु के मामले मे तीन दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, परिजनो मे रोष
रणदेवा मे सुंदर के घर  मे बैठे गमजदा परिजन

नकुड 29 जुलाई इंद्रेश। रणदेवा मे सुंदर सिंह की संिदग्ध अवस्था मे मृत्यु के मामले मे तीन दिन बाद भी घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। मृतक  के परिजन खुलेआम उसे जहर देकर हत्या किये जाने के आरोप लगा रहे हैं। देर शाम संुदर के शव का गांव मे अंतिम संस्कार कर दिया गया।

कोतवाल देवेश कुमार शर्मा ने बताया कि घटना मे जांच चल रही है। अभी मामले की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। सोमवार को देर शाम परिजनो ने सुंदर के शव का अंतिम सस्ंकार कर दिया। मृतक के परिजन गमजदा है। सुंदर का परिवार बेहद गरीब है। उनका कहना है कि उन्हे इंसाफ चाहिए। उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव  मे कार्रवाई न करने के आरोप लगाये।

परिजनो ने बताया कि सुंदर नकुड के आसपास रेत व बजरी की आपूर्ति मे बिचौलिये का काम करता था। वह स्थानीय दुकानदारो से आर्डर लेकर खनन का परिवहन करने वालो को देता था। जो दुकानो पर देर रात मे खनन की सप्लाई करते थे। कुछ जानकारो का कहना है कि यह घटना खनन का अवैध परिवहन करने वालो से जुडा हो सकता है। हांलाकि पिडित परिवार ने तीन व्यक्तियो के खिलाफ नामजद तहरीर कोतवाली मे दी है। जिस पर अभी पुलिस ने कोई कार्रवाई नंही की है। सवाल पुलिस की लेटलतीफी पर भी उठ रहा है।

परिजनो का आरोप है कि रविवार को करीब साढे नो बजे संदर की पिलखनी मेडिकल कालेज मे मृत्यु हो गयी थी। जिसकी सूचना उन्होंने तुरंत पुलिस को दे दी थी। इससे पूर्व संुदर ने स्थानीय सीएचसी पर डायल 112 के पुलिस कर्मियो के समक्ष पूरी घटना का ब्यौरा बता दिया था। उस समय वह होशो हवाश मे था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नंही की।  पुलिस ने आरोपियो के घरो पर दबिश तक नंही दी।

परिजनो का कहना है कि सुंदर की मौत की सूचना के बाद पुलिस मेडिकल कालेज गयी। ओर शव को वंहा बर्फ मे सैफ करा दिया। पंरतु पुलिस ने रात मे शव का पंचनामा नहंी भरा। पुलिस ने परिजनो केा अगले दिन सुबह अंबेहेटा पलिस चौकी पर बुलाया वंहा पंचनामा भरने के औपचारिकता पूरी की। सवाल यह भी है कि आखिर पुलिस ने रात मे मृत्यु के तुरंत बाद  मेडिकल कालेज मे ही पंचनामा क्यों नही भरा। सोमवार को सुंदर के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव को सीधे कोतवाली मे लाये तथा अपने गमो गुस्से का इजहार किया। हांलाकि बाद मे अधिकारियो के समझाने बुझाने व कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने के बाद परिजनो ने शव को गांव मे ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

पिडित परिवार मे बेहद रोष व्याप्त है। उनका आरोप  है कि तीन दिनो के भीतर पुलिस की एक भी कार्रवाई ऐसी नंही रही जिससे उन्हे लगे कि वाकई पुलिस इस मामले मे गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।