सौरव दास और आशुतोष रांका से हाईकोर्ट ने पूछी उम्र, कहा- आप GEN Z नहीं

सौरव दास और आशुतोष रांका से हाईकोर्ट ने पूछी उम्र, कहा- आप GEN Z नहीं

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के खिलाफदाखिल  याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि मिलेनियल्स किस उम्र के लोगों को कहा जाता है. कोर्ट ने कहा कि शुरुआत में यह छात्रों का प्रदर्शन था, जिसमें बच्चे भी शामिल थे, लेकिन अब प्रदर्शन का मुद्दा बदल गया है. कोर्ट ने उम्र पूछने के बाद सौरव और आशुतोष के लिए की टिप्पणी कि दोनों GEN Z नहीं हैं.

हाईकोर्ट ने कहा- जुलाई के विरोध प्रदर्शन में छात्र और बच्चे शामिल थे, लेकिन अब इसका कारण बदल गया है, जबकि लोग और संगठन वही हैं. सवाल यह है कि आप कौन हैं, आपका संगठन किस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है और इसका उद्देश्य क्या है? जब शांति और व्यवस्था खतरे में हो, तो ये सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं, खासकर तब जब वही संगठन अलग-अलग मुद्दों के लिए लोगों को एकजुट करता रहे.

‘लोग वही लेकिन…’

कोर्ट ने टिप्पणी की कि लोग वही हैं, लेकिन प्रदर्शन का मकसद बदल गया है. अदालत ने यह भी पूछा कि प्रदर्शनकारी कौन हैं, किस संगठन से जुड़े हैं और उस संगठन का उद्देश्य क्या है. कोर्ट ने कहा कि जब शांति भंग होने की आशंका हो, तब इन सवालों के जवाब जानना जरूरी हो जाता है.

अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि जिन समूहों के मुद्दे और उद्देश्य समय-समय पर बदलते रहते हैं, क्या मजिस्ट्रेट को शांति भंग होने की आशंका पर विचार करते समय इन पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए.

सुनवाई के दौरान अदालत ने दास और रांका को याचिका वापस लेने की अनुमति दी. हालांकि अदालत ने कहा कि  यह स्पष्ट किया जाता है कि इस अदालत ने मामले के गुण-दोष (मेरिट्स) पर कोई राय नहीं दी है.

 

Leave a Reply