‘कुर्सी से चिपके हैं धर्मेंद्र प्रधान’, खड़गे का शिक्षा मंत्री पर हमला, NEET विवाद पर मांगा इस्तीफा
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परीक्षा घोटालों से प्रभावित छात्रों के साथ न्याय करने के बजाय उनकी आवाज उठाने वालों को अपमानित कर रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में खड़गे ने दावा किया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में 90 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक विवाद के कारण कई छात्रों और उनके परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खड़गे ने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगने के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने वाले अभियान ‘स्टूडेंट्स इको’ को लेकर मंत्री की टिप्पणी छात्रों के आंदोलन का अपमान है।
सरकार सवाल उठाने वालों को देश विरोधी बताती है: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जो भी व्यक्ति सरकार से सवाल करता है, उसे देश विरोधी करार देने की कोशिश की जाती है। उन्होंने किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी आंदोलन कर रहे किसानों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
खड़गे ने कहा कि छात्रों की आवाज पूरे देश में गूंजेगी और शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों का आंदोलन आने वाले समय में और व्यापक रूप लेगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या कहा था?
इससे पहले एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कुछ लोग विघटनकारी तत्वों की “बी-टीम” की तरह काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में असफल रहे कुछ समूह अब अलग रूप में आकर व्यवस्था को निशाना बना रहे हैं और ऐसे नारों का समर्थन कर रहे हैं जो देश को बांटने वाली ताकतों से जुड़े हैं।
इस बयान के बाद कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन को इस तरह से संबोधित करना अनुचित है और उन्होंने उनसे इस्तीफा देने की मांग की है।
