‘इंडिया आउट’ के बावजूद भारत ने मालदीव को पानी पिलाया, थरूर ने अमेरिका में ऐसा क्या कहा, जिसकी हो रही चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान वहां की पत्रकार हेले लेंग ने भारत की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. इस पर अब केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पलटवार किया है. उन्होंने अमेरिका से जवाब देते हुए कहा कि दुनिया को भारत पर इसलिए भरोसा करना चाहिए क्योंकि मालदीव में भारत विरोध के बावजूद नई दिल्ली ने बड़ा दिल दिखाते हुए, उनकी मदद की. ये मामला भारत की दरियादिली का सबसे शानदार उदाहरण है.
इंडिया आउट अभियान का किया जिक्र
अमेरिका के फ्लेचर स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान थरूर ने कहा कि मालदीव में भारत-विरोधी अभियान के बावजूद नई दिल्ली संकट के समय उनके साथ खड़ी रही. मालदीव चुनाव में मोहम्मद मुइज्जू की ओर से चलाए गए भारत विरोधी इंडिया आउट अभियान का शशि थरूर ने जिक्र किया. बता दें कि मालदीव में इंडिया आउट अभियान की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने की थी, जिसे बीते चुनाव में मोहम्मद मुइज्जू ने चुनावी अभियान का अहम हिस्सा बनाया.
मुइज्जू के मुश्किल समय में काम आया भारत
मोहम्मद मुइज्जू का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि मालदीव में पिछले चुनाव में जो व्यक्ति राष्ट्रपति बना उसने इंडिया आउट के अभियान पर चुनाव लड़ा था. चुनाव जीतने और राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद उन्होने भारतीय कंपनियों के साथ कई कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिए और दिल्ली से टकराव का रास्ता अपनाया. थरूर ने कहा कि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के कुछ महीनों बाद मालदीव की राजधानी में पानी का सबसे बड़ा प्लांट खराब हो गया. इससे मालदीव के लोगों के पास पीने के लिए पानी नहीं बचा और ऐसे समय में भारत ने मालदीव की मदद के लिए हाथ बढ़ाया.
लाखों लीटर बोतलबंद पीने का पानी विमानों से भेजा- थरूर
थरूर ने बताया कि भारत ने इस संकट से निपटने के लिए मालदीव में विमानों से भरकर पीने का पानी भेजा. भारत ने बिना किसी हिचकिचाहट के लाखों लीटर बोतलबंद पीने का पानी विमानों से भेजा. थरूर ने कहा कि भारत ने मालदीव में पानी भेजा और इसके बदले कुछ मांगा भी नहीं. यह बस एक पड़ोसी की तरफ से किया गया एक नेक काम था. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उसके बाद इंडिया आउट के रवैये में काफी नरमी आ गई. मालदीव ने माना कि भारत पर भरोसा किया जाना चाहिए.
