UMEED पोर्टल की डेडलाइन कल होगी समाप्त, 5.87 लाख वक्फ संपत्तियों का हुआ पंजीकरण; नए अपलोड पर लगेगी रोक

UMEED पोर्टल की डेडलाइन कल होगी समाप्त, 5.87 लाख वक्फ संपत्तियों का हुआ पंजीकरण; नए अपलोड पर लगेगी रोक

केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड के एकीकरण के लिए शुरू किए गए UMEED पोर्टल पर संपत्तियों के पंजीकरण की अंतिम समय सीमा अब समाप्ति के करीब पहुंच गई है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से बढ़ाई गई समयसीमा 30 जून को खत्म हो जाएगी। इसके बाद वक्फ संपत्तियों के नए पंजीकरण और रिकॉर्ड में संशोधन की प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 29 जून तक देशभर में पंजीकृत 7.95 लाख वक्फ संपत्तियों में से 5.87 लाख संपत्तियों का विवरण UMEED पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 30 जून वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि है।

1.20 लाख संपत्तियां अब भी सत्यापन प्रक्रिया में

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 1.20 लाख वक्फ संपत्तियां अभी भी सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। वहीं, 88,634 संपत्तियों की प्रविष्टियां डुप्लीकेट रिकॉर्ड, अधूरे दस्तावेज, डेटा संबंधी त्रुटियों या तकनीकी कारणों के चलते अस्वीकार कर दी गई हैं।

जिन वक्फ संस्थाओं ने अब तक अपनी संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है, उन्हें 30 जून तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही, जिन संपत्तियों का डेटा पहले से अपलोड है, उनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि का सुधार भी इसी तिथि तक किया जा सकेगा।

मंत्रालय ने वक्फ संस्थाओं से की अपील

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने सभी वक्फ संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर लें। वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा प्रदान की गई छह महीने की अतिरिक्त अवधि भी 30 जून को समाप्त हो रही है।

गौरतलब है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने 6 जून, 2025 को UMEED पोर्टल की शुरुआत की थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के तहत इस पोर्टल पर पंजीकरण के लिए 30 जून तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। इसके बाद पोर्टल पर नए डेटा अपलोड की सुविधा आधिकारिक तौर पर बंद कर दी जाएगी।

क्या है UMEED पोर्टल?

UMEED का पूरा नाम Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development है। इस पोर्टल का उद्देश्य देशभर की वक्फ संपत्तियों का केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता लाना है। पहचान सत्यापन के लिए चुनाव आयोग के आंकड़ों का भी उपयोग किया गया है। इसके तहत सभी वक्फ संपत्तियों का छह माह के भीतर पंजीकरण अनिवार्य किया गया था।

जियो-टैगिंग होगी अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वक्फ संपत्ति की जियो-टैगिंग अनिवार्य की गई है और उसका पूरा विवरण पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर पंजीकृत संपत्तियों या जिनमें महिलाएं वैधानिक उत्तराधिकारी हैं, उन्हें वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा।

वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की जिम्मेदारी संबंधित मुतवल्ली (प्रबंधक) की होगी, जबकि राज्य वक्फ बोर्ड इस प्रक्रिया में तकनीकी सहायता और समन्वय की भूमिका निभाएंगे।

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