केतन से 1 करोड़ लेकर चेतन को दिए, भाई ने जबरन कार में बैठाया… सिया गोयल को लेकर नए खुलासे

केतन से 1 करोड़ लेकर चेतन को दिए, भाई ने जबरन कार में बैठाया… सिया गोयल को लेकर नए खुलासे

नई दिल्ली। पुणे के हाईप्रोफाइल केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि केतन की हत्या की आरोपी उसकी मंगेतर सिया ने हत्या से पहले केतन से 1 करोड़ रुपए लेकर अपने प्रेमी चेतन को दिए थे।

यह रकम शादी की शॉपिंग के नाम पर ऐंठी गई थी। आरोप है कि सिया ने चेतन के साथ मिलकर केतन हत्याकांड को अंजाम दिया। 18 जून को दोनों ने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले से नीचे खाई में धकेल दिया था।

केतन से ऐंठी गई 1 करोड़ की रकम

पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिया ने शादी की तैयारियों के नाम पर केतन से 1 करोड़ की रकम मांगी थी। जिसे उसने अपने प्रेमी चेतन को करियर और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए दिए थे।

बता दें चौधरी आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड से था, इसलिए उसने गोयल से कहा था कि उसे स्टेबल होने में कम से कम तीन साल लगेंगे।

तीन साल बाद शादी करने का प्लान

चेतन और सिया के बीच कथित तौर पर यह तय हुआ था कि केतन की हत्या के बाद, शक से बचने के लिए वह तीन साल तक शादी नहीं करेगी। जब चौधरी आर्थिक रूप से मजबूत हो जाते और मामला लोगों की नजर से हट जाता, तब वे शादी करने वाले थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि यह टाइमलाइन जांच से बचने और आखिरकार गोयल के परिवार की मंज़ूरी पाने की प्लानिंग का हिस्सा थी।

भाई ने जबरन कैब में बिठाया

इस मामले में कैब ड्राईवर वैभव जाधव ने भी खुलासा किया है। जाधव वहीं कैब ड्राईवर जिसकी कैब से सिया प्री वेडिंग शूट के लिए मुंबई एयरपोर्ट गई थी। जाधव ने बताया कि प्री वेडिंग शूट के लिए बाली दौरे की लिए रवाना होने से पहले सिया का व्यवहार सामान्य नहीं था, वह कार में बैठने तक से इनकार कर रही थी, तभी उसके भाई ने उसे जबरन कैब में बिठाया था। बाद में सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया जिसके बाद बाली दौरा कैंसिल करना पड़ा था।

क्या था हत्या का प्लान?

पुलिस के अनुसार, केतन की हत्या की प्लानिंग पहले से की गई थी। इसमें यह भी शामिल था कि किले से धक्का देते समय सिया केतन की पहुंच से दूर रहे। इसके लिए दोनों ने प्लान किया था कि ऐसी स्थिति मर वे एक-दुसरे को सिग्नल देंगे। एक अधिकारी ने बताया कि प्लान के मुताबिक, सिया को नीचे बैठकर सिग्नल देना था, जिसके बाद चौधरी को ऊपर आना था और अग्रवाल को धक्का देना था।

दोनों ने तय किया था कि वह या तो पानी पीने के बहाने या जूते के फीते बांधने के बहाने नीचे बैठेंगी। अधिकारी ने कहा कि नीचे बैठना ही सिग्नल था। हालांकि, यह गोयल को सुरक्षित रखने के लिए भी एक सोच-समझकर उठाया गया कदम था।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा, सिग्नल जानबूझकर ऐसा चुना गया था ताकि धक्का देते समय गोयल पीड़ित की पहुंच में न हों। उन्हें डर था कि अगर चेतन केतन को धक्का देता हैं और गिरते समय केतन सिया को पकड़ने की कोशिश करता हैं, तो वह भी खाई में गिर सकती हैं।’

18 जून को सिया और केतन का पीछा करते समय चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने का भी पूरा ध्यान रखा था। पुलिस ने बताया कि उसन जानबूझकर कार के बजाय स्कूटर से लोहागढ़ किले तक का सफर किया, जो लगभग 90 किलोमीटर का था।

सिया और चेतन के बीच ‘सीक्रेट कॉल’

जांच में यह भी पता चला कि गोयल ने अपने मंगेतर को कथित तौर पर पहाड़ी से नीचे धकेलने से लगभग आधे घंटे पहले अपने प्रेमी और को फोन किया था। सूत्रों के अनुसार, हत्या से ठीक 34 मिनट पहले गोयल ने चौधरी से ‘सीक्रेट कॉल’ पर बात की थी। उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह जानकारी मिली है।

रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस को यह भी पता चला है कि हत्या की योजना मई के आखिर में ही बना ली गई थी और गोयल ने सबसे पहले 14 जून को केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने की कोशिश की थी।

लेकिन यह प्लान नाकाम रहा क्योंकि केतन ने एक झाड़ी पकड़कर खुद को बचा लिया था। इसके बाद गोयल ने यह दावा करने के लिए कि उसने गलती से उसे धक्का दिया था, सांप वाली कहानी गढ़ी थी।

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