NEET विवाद पर कांग्रेस का नया दांव, छात्रों की कानूनी मदद के लिए गुरमेहर कौर को बनाया चेहरा

NEET विवाद पर कांग्रेस का नया दांव, छात्रों की कानूनी मदद के लिए गुरमेहर कौर को बनाया चेहरा

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों के समर्थन में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने प्रभावित छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष लीगल हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता गुरमेहर कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

कांग्रेस ने सोमवार को प्रेस वार्ता का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पहले यह भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शन कर रहे किसी भी छात्र को हिरासत में नहीं लिया जाएगा और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। पार्टी का कहना है कि इसके बावजूद पश्चिम बंगाल और बिहार सहित कई राज्यों में छात्रों के खिलाफ बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरमेहर कौर के साथ एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और बिहार से यूथ कांग्रेस की पदाधिकारी रिचा सिंह भी मौजूद रहीं। तीनों नेताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

हालांकि, इसी दिन शाम को बिहार सरकार ने घोषणा की कि प्रदर्शन से जुड़े सभी मामलों को वापस लिया जाएगा और गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाएगा।

कांग्रेस ने जारी की लीगल हेल्पलाइन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद में भी उठाने का प्रयास किया। पार्टी ने ‘छात्रों की गूंज’ (CKG) लीगल SOS हेल्पलाइन 98118-67474 जारी करते हुए कहा कि कानूनी सहायता की जरूरत वाले छात्र इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

कौन हैं गुरमेहर कौर?

कांग्रेस ने इस अभियान का प्रमुख चेहरा गुरमेहर कौर को बनाया है। 29 वर्षीय गुरमेहर कौर लंबे समय से सामाजिक और छात्र मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। उनका जन्म 1990 के दशक के उत्तरार्ध में हुआ और उनका पालन-पोषण एक सैन्य परिवार में पंजाब सहित विभिन्न स्थानों पर हुआ। उन्होंने दिल्ली और यूनाइटेड किंगडम में शिक्षा प्राप्त की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के छात्र आंदोलनों में बड़ी संख्या में युवा और शहरी वर्ग की भागीदारी रही है। ऐसे में कांग्रेस ने नई पीढ़ी से संवाद स्थापित करने और छात्र समुदाय तक अपनी पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से गुरमेहर कौर को इस अभियान का चेहरा बनाया है।