दिल्ली में जलभराव पर कांग्रेस का हमला, BJP-MCD पर लापरवाही का आरोप
राजधानी दिल्ली में लगातार हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बीजेपी की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD) और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण राजधानी में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. उन्होंने दावा किया कि अब शहर के सामने डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है.
सड़कों पर बने गड्ढों में जमे पानी को बताया डेंगू-मलेरिया का कारण
देवेंद्र यादव ने कहा कि बारिश के बाद राजधानी की सड़कों पर बने गड्ढों, निर्माण कार्यों के दौरान खोदे गए स्थानों, विभिन्न कॉलोनियों में जमा पानी और लंबे समय से बिना उठाए पड़े सड़ते कचरे ने मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर दी हैं. उनके अनुसार यही हालात डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का बड़ा कारण बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल बड़े स्तर पर सफाई और जलनिकासी अभियान चलाना चाहिए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार दिल्ली नगर निगम में विपक्षी दल के पार्षदों की संख्या गैर-कानूनी तरीके से बढ़ाने के लिए विपक्ष को तोड़ने में लगी रही, जबकि नगर निगम का नियमित कामकाज प्रभावित होता रहा. उन्होंने कहा कि MCD शहर को साफ और कचरा मुक्त रखने की अपनी सबसे अहम जिम्मेदारी निभाने में विफल रही. नालों और सीवरों में जमा कचरे तथा गाद के कारण बारिश का पानी नहीं निकल सका, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई.
जलभराव रोकने पर रेखा गुप्ता सरकार के दावों पर उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने कहा कि भारी बारिश ने जलभराव रोकने को लेकर रेखा गुप्ता सरकार के सभी दावों की पोल खोल दी है. उनका कहना है कि बीजेपी शासित MCD को बारिश से पहले और बारिश के बाद शहरभर में जमा पानी और गंदगी हटाने के लिए व्यापक सफाई अभियान चलाना चाहिए था, लेकिन सरकार इन कार्यों के बजाय अपनी ही ‘बी-टीम’ आम आदमी पार्टी को तोड़ने की राजनीति में व्यस्त रही. उन्होंने कहा कि AAP के निगम पार्षदों का अलग हुआ गुट ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP)’ आधिकारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गया है.
चुनावी वादों को दिलाया याद
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सत्ता में आने पर राजधानी के नागरिक बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के कई बड़े वादे किए थे. लेकिन पिछले एक वर्ष के दौरान सरकार उन वादों को पूरा करने में सफल नहीं रही. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनहित के बजाय जन-विरोधी फैसले लिए, जिनमें जेजे क्लस्टरों को तोड़ने की कार्रवाई भी शामिल है. उनके अनुसार इस कार्रवाई से लाखों गरीब लोग या तो बेघर हो गए या उन्हें दिल्ली छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जलभराव रोकने, सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, टूटी हुई सड़कों की मरम्मत, यमुना के प्रदूषित पानी और जहरीली हवा को साफ करने तथा मानसून से पहले नालों की गाद निकालने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कोई ठोस प्रगति नहीं कर सकी. उन्होंने कहा कि ये सभी वादे केवल कागजों तक सीमित रह गए.
‘बिजली, पानी, महंगाई दूर करने में विफल रही सरकार’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाने में तेजी दिखाई, लेकिन पिछले कई महीनों से बनी पानी की भारी कमी को दूर करने में विफल रही. उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार अपने ही दावों और झूठ के जाल में फंसी हुई है तथा मुख्यमंत्री और उनके मंत्री आम लोगों की वास्तविक परेशानियों से अनजान हैं. उनका कहना था कि राजधानी का गरीब और मध्यम वर्ग बेरोजगारी, महंगाई, खराब नागरिक सुविधाओं और दूसरी अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, जिससे दिल्ली में रहना लगातार मुश्किल होता जा रहा है.
देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी की जनता बुनियादी सुविधाओं और राहत की उम्मीद कर रही है, लेकिन सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करती दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जलभराव, सफाई, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है.
