गणेश चतुर्थी पर CM योगी ने दी शुभकामनाएं, बोले- ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार का हिस्सा बनाएं

गणेश चतुर्थी पर CM योगी ने दी शुभकामनाएं, बोले- ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार का हिस्सा बनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान गणेश को ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना का प्रतीक बताते हुए लोगों से पर्व को सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने के अवसर के रूप में मनाने की अपील की।

सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपने संदेश में कहा कि जब युवा अपने घरों में भगवान गणपति की श्रद्धापूर्वक स्थापना और पूजा करते हैं तो उनका हृदय प्रफुल्लित हो उठता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की मंगलकामनाएं दीं।

पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश के स्वरूप को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि गणेश जी की रूप-रचना और जीवन दर्शन प्रकृति के संरक्षण तथा संतुलन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि गजमुख वन्यजीवन, मूषक कृषि और भूमि की उर्वरता से जुड़े प्रतीकों को दर्शाता है, जबकि भगवान गणेश के बड़े कान प्रकृति की हर पुकार को सुनने की प्रेरणा देते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गणेशोत्सव में ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना दिखाई देती है। यही भावना 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा के दौरान कौशल और तकनीक के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करेगी।

‘वोकल फॉर लोकल’ को लेकर CM योगी की अपील

सीएम योगी ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत ढांचे नए उत्तर प्रदेश की बढ़ती क्षमता के प्रमाण हैं। लेकिन किसी प्रदेश का वास्तविक विकास केवल बड़े निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि वहां के लोगों के हुनर, कौशल और विचारों से होता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कौशल विकास मिशन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं के जरिए कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खास तौर पर अपील की कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को सिर्फ नारा न बनाएं, बल्कि इसे अपने व्यवहार का हिस्सा बनाएं। स्थानीय उत्पादों की खरीद और इस्तेमाल बढ़ने से कारीगरों को काम, युवाओं को रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, स्थानीय हुनर और सामर्थ्य पर भरोसा ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का रास्ता तैयार करेगा।

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