CBSE OSM विवाद: जयराम रमेश ने उठाए साइबर सुरक्षा पर सवाल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित सुरक्षा खामियों को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।
जयराम रमेश की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब CBSE ने स्वीकार किया कि उसकी ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में सुरक्षा संबंधी कमजोरियां सामने आई हैं। बोर्ड ने कहा है कि वह ऑनमार्क पोर्टल में मौजूद खामियों की निगरानी कर रहा है तथा सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में रमेश ने आरोप लगाया कि CBSE ने कई सप्ताह तक साइबर सुरक्षा संबंधी समस्याओं से इनकार किया, लेकिन अंततः उसे सिस्टम में सेंध की बात स्वीकार करनी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि इस परियोजना से जुड़ी कंपनी COEMPT Edutech के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी को संरक्षण दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने अगस्त 2025 में जारी किए गए निविदा दस्तावेज (RFP) का हवाला देते हुए कहा कि CBSE ने शुरुआत में अक्षम विक्रेताओं को ब्लैकलिस्ट करने का अधिकार अपने पास रखा था। हालांकि बाद में जारी एक संशोधन के जरिए यह प्रावधान हटा दिया गया। रमेश ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि इससे संबंधित कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।
उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण का असर लाखों छात्रों पर पड़ा है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी आधार पर उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कार्यशैली की आलोचना करते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।
वहीं, CBSE की ओर से कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है तथा तकनीकी खामियों को दूर करने के प्रयास जारी हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सभी की निगाहें बोर्ड और शिक्षा मंत्रालय की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
