मौसम या सियासी खींचतान? सहारनपुर दौरे पर फिर तय हुआ अखिलेश यादव का कार्यक्रम
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के बीच बढ़ती तल्खी के बीच अखिलेश यादव की सहारनपुर रैली को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। 6 सितंबर को प्रस्तावित रैली को सपा ने खराब मौसम और बारिश की संभावना का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था। इसके बाद रैली टाले जाने को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाने लगे।
रालोद की ओर से दावा किया गया कि अखिलेश यादव की जयंत चौधरी को लेकर की गई ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी से जाट समाज में नाराजगी थी और इसी विरोध के चलते कार्यक्रम टाला गया। हालांकि, रैली स्थगित होने के कुछ ही घंटों बाद सपा ने अखिलेश यादव के सहारनपुर दौरे का नया कार्यक्रम जारी कर दिया।
2 सितंबर को सहारनपुर जाएंगे अखिलेश यादव
नए कार्यक्रम के मुताबिक अखिलेश यादव अब 2 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेंगे। वह सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन के आवास पर जाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव दोपहर 12:45 बजे से 1:45 बजे तक वहां मौजूद रहेंगे।
अखिलेश यादव के नए कार्यक्रम के सामने आने के बाद एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राजनीतिक जानकार रैली स्थगित किए जाने के पीछे की वजह को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कुछ इसे सपा और रालोद के बीच बढ़ती दूरी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पार्टी की ओर से खराब मौसम को आधिकारिक कारण बताया गया है।
रालोद नेता ने लगाया विरोध का आरोप
रालोद प्रवक्ता और जयंत चौधरी के करीबी नेता रोहित चौधरी ने दावा किया कि अखिलेश यादव की चौधरी परिवार को लेकर की गई टिप्पणी से जाट समाज में नाराजगी थी। उनके मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई बिरादरियों के लोगों ने रैली के विरोध का फैसला किया था।
रोहित चौधरी ने कहा कि चौधरी परिवार का समाज में सम्मान है और उसके खिलाफ टिप्पणी को लेकर लोगों में आक्रोश था। उन्होंने दावा किया कि विरोध को देखते हुए ही सपा ने सहारनपुर कार्यक्रम को टालने का फैसला किया।
सपा ने मौसम को बताया वजह
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से रैली स्थगित करने की वजह खराब मौसम और बारिश की आशंका बताई गई है। बुधवार को पार्टी ने घोषणा की थी कि 6 सितंबर को सहारनपुर में प्रस्तावित अखिलेश यादव की रैली को फिलहाल टाल दिया गया है।
सपा नेता चौधरी रुद्रसैन के मुताबिक, रैली की अगली तारीख राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से चर्चा के बाद तय की जाएगी। पार्टी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के पहले सप्ताह में सहारनपुर में बड़ी रैली आयोजित कर सकती है।
इस बीच 2 सितंबर को अखिलेश यादव के सहारनपुर दौरे का कार्यक्रम तय होने से साफ है कि सपा नेतृत्व का पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर फोकस बना हुआ है। अब देखना होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा और रालोद के बीच जारी सियासी खींचतान किस दिशा में आगे बढ़ती है।
