अखिलेश यादव का बड़ा तंज, बोले- ‘उम्मीद है राम धन की चोरी नहीं होगी’

अखिलेश यादव का बड़ा तंज, बोले- ‘उम्मीद है राम धन की चोरी नहीं होगी’

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर हो रही बैठक के बीच बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘राम धन’ यानी मंदिर में आने वाले चंदे की रकम का अब गलत इस्तेमाल नहीं होगा।

पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में गरीब लोगों की जमीन हड़पकर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। उन्होंने चंदे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मामले में आम कर्मचारियों को जेल भेजा गया, लेकिन बड़े नामों पर कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि राम धन की चोरी नहीं होगी।”

‘अयोध्या को वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना चाहिए था’

अखिलेश यादव ने अयोध्या के विकास कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या को एक वर्ल्ड-क्लास शहर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए था, लेकिन गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्थाएं बनने के साथ पुरानी घटनाओं को भुलाया नहीं जाना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि उन्हें किसी से व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन चंदे की चोरी के मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल जरूर हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में CEO पर मंथन

वहीं, राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर 2 सितंबर को अयोध्या स्थित श्री मणिरामदास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई। बैठक में महंत दिनेन्द्र दास महाराज, महंत कमल नयन दास और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।

CEO के चयन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर बैठक में CEO के नाम को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली शामिल हैं। CEO पद के लिए 5,000 से अधिक आवेदन आने की बात सामने आई है।

हाईलेवल बैठक में सौंपी गई रिपोर्ट

CEO चयन की रिपोर्ट एक उच्चस्तरीय बैठक में पेश की गई। इसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी शामिल हुए।

अब ट्रस्ट की बैठक में चयन रिपोर्ट पर चर्चा के बाद राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।

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