JPNIC को निजी हाथों में देने पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- ‘अपने नाम से JP बेच दिया’
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार (27 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को निजी हाथों में सौंपे जाने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बीजेपी ने अपने नाम से JP को ही बेच दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी ने अपने नाम से JP (JPNIC) बेच दिया। बीजेपी के लोगों का बस चले तो पूरी बीजेपी ही बेच दें।” उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के पैसे से तैयार की गई इस इमारत को निजी हाथों में सौंपने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।
‘JPNIC बिल्डिंग एक मैसेज देने के लिए बनाई गई थी’
अखिलेश यादव ने कहा कि JPNIC का उद्देश्य केवल एक इमारत तैयार करना नहीं था, बल्कि जय प्रकाश नारायण के विचारों और उनके योगदान को सम्मान देना था। उन्होंने बताया कि इसके शिलान्यास के समय मुलायम सिंह यादव समेत कई वरिष्ठ समाजवादी नेता मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद परियोजना का काम रुक गया था, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इसे दोबारा शुरू किया गया। उनका कहना था कि जय प्रकाश नारायण ने युवाओं को जागरूक करने और संपूर्ण क्रांति का आह्वान करने का काम किया था। उनकी विचारधारा ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव किया।
‘BJP ने भी जय प्रकाश नारायण का नाम इस्तेमाल किया था’
सपा प्रमुख ने दावा किया कि बीजेपी के गठन के समय उसके नेताओं ने भी जय प्रकाश नारायण के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल किया था। अखिलेश के मुताबिक, उस समय बीजेपी समाजवादी विचारधारा से जुड़ा संदेश देना चाहती थी और पार्टी के शुरुआती अधिवेशन में जय प्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई गई थी।
अखिलेश ने कहा कि इतिहास में यह दर्ज है कि उस दौर में पार्टी को किसने कितना चंदा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास उस समय अपना कोई बड़ा समाजवादी चेहरा नहीं था, इसलिए जय प्रकाश नारायण के नाम का सहारा लिया गया।
’10 साल सरकार रही, फिर भ्रष्टाचार की जांच क्यों नहीं कराई?’
JPNIC में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को वास्तव में इस परियोजना में भ्रष्टाचार की आशंका थी तो करीब 10 साल के शासनकाल में इसकी जांच क्यों नहीं कराई गई।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि काम पूरा करने वाले ठेकेदारों को भुगतान किया गया और उनसे भविष्य में सरकार के खिलाफ अदालत जाने या जांच की मांग करने जैसी कार्रवाई न करने से संबंधित शर्तें भी लिखवाई गईं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता वर्षों तक JPNIC में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे, लेकिन सत्ता में रहते हुए उन्होंने कोई ठोस जांच नहीं कराई। अखिलेश का आरोप है कि असली मकसद जनता के पैसे से बनी इस संपत्ति को निजी हाथों में सौंपना और अपने लोगों को फायदा पहुंचाना है।
अखिलेश यादव ने कहा कि JPNIC केवल एक इमारत नहीं, बल्कि जय प्रकाश नारायण के विचारों और लोकतांत्रिक संघर्ष की विरासत से जुड़ा स्थान है। उन्होंने सरकार के निजीकरण के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे जनता के हितों के खिलाफ बताया।
