PDA में ‘पीड़ित पंडित’ भी शामिल, ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में अखिलेश यादव; राम मंदिर और सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता का भरोसा कमजोर हुआ है और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित काम नहीं हुआ।
समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित ‘प्रबुद्धजन सम्मेलन’ में शामिल हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें पार्टी कार्यालय में आयोजन करना पड़ा। उन्होंने जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा और उनका मिशन आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के राजनीतिक सूत्र को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अब इसमें “पीड़ित पंडित” भी शामिल हैं। उन्होंने शंकराचार्य से जुड़े एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक नेताओं के सम्मान और उनकी बातों को सुनने के मामले में सरकार संवेदनशील नहीं रही है।
पेपर लीक के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका आरोप था कि बार-बार होने वाली परीक्षाओं में गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में कम समय में बड़ी संख्या में भर्तियां कर युवाओं को रोजगार देने का काम किया था।
ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश करते हुए अखिलेश यादव ने भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सदियों पुराना है और समाजवादी पार्टी ने हमेशा सभी वर्गों को सम्मान देने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि जब भी पार्टी को अवसर मिला, उसने सामाजिक संतुलन और सम्मान की राजनीति को आगे बढ़ाया।
विकास कार्यों को लेकर भी उन्होंने भाजपा सरकार की आलोचना की। अखिलेश ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी सरकार की देन है और भविष्य में सत्ता में आने पर बलिया को भी बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों का उल्लेख करते हुए सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए और जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अखिलेश यादव के इस बयान को राजनीतिक रूप से ब्राह्मण समुदाय तक पहुंच बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा लगातार PDA के दायरे को व्यापक बनाने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है।
