शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन

शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन

गंगोह (सहारनपुर)। शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनवायर्नमेंटल साइंसेज विभाग द्वारा दिनांक 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित थीम “इंस्पायर्ड बाय नेचर, क्लाइमेट फॉर आवर फ्यूचर” अर्थात् ‘प्रकृति से प्रेरित — जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’ रखी गई है, जो प्रकृति की शक्ति से प्रेरणा लेकर जलवायु परिवर्तन से निपटने का आह्वान करती है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान से हुआ। इस अभियान में शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) बी. एस. सिद्धू, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शिवानी ने स्वयं पौधारोपण कर इस हरित पहल का नेतृत्व किया। अभियान का कुशल संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार ने किया। पौधारोपण में विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, शिक्षणेतर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ सभी के साथ मिलकर सहभागी रहे। तत्पश्चात् विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में मुख्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत दीप प्रज्वलन समारोह से किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. शिवानी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्रों का हार्दिक स्वागत किया तथा इस वर्ष की थीम के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) बी. एस. सिद्धू ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस वर्ष की थीम ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर’ हमें याद दिलाती है कि प्रकृति स्वयं जलवायु समाधानों का सबसे बड़ा स्रोत है। आगे उन्होंने कहा कि वन संरक्षण, जल प्रबंधन, जैव विविधता की रक्षा और प्राकृतिक खेती जैसे प्रयास न केवल पर्यावरण को बचाते हैं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित करते हैं। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि विश्वविद्यालय सदैव हरित एवं टिकाऊ शिक्षा के मार्ग पर अग्रसर रहेगा।

इस अवसर पर कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने कार्यक्रम के आयोजकों को अनेक शुभकामनाएं दी और उन्होंने कहा कि प्रकृति मनुष्य की सबसे बड़ी शिक्षक है और आज का यह आयोजन हम सभी को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में पूर्व छात्र आयुष बटार ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमें प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होना होगा। स्नातकोत्तर छात्रा सोनम ने पर्यावरण विज्ञान विषय पर एक उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा प्रस्तुति भी दी गई। कार्यक्रम में मंच संचालन बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र अंशुल कुमार ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विकास कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम में डीन (अकादमिक) प्रो.(डॉ.) तरुण कुमार शर्मा, डीन (रिसर्च) एवं डीन, स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल एंड इंजीनियरिंग साइंसेज प्रो.(डॉ.) राजीव दत्ता, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. विकास कुमार, रितु शर्मा, दीपक कुमार एवं रोहित कुमार सैनी, साहिल राणा सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, शिक्षणेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

 

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