‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ विषय पर विशेष व्याख्यान, बचाव को बताया बेहतर स्वास्थ्य का आधार

‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ विषय पर विशेष व्याख्यान, बचाव को बताया बेहतर स्वास्थ्य का आधार

गंगोह। आगामी 23 सितंबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में पूर्व जन-जागरूकता अभियान के तहत कुंवर शेखर विजेंद्र आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर में ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ के मुख्य विषय ‘इलाज से बेहतर है बचाव’ पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगोह सीएचसी प्रभारी डॉ. रोहित वालिया रहे। आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विकास कुमार शर्मा एवं उप प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णानंद चंद्रशेखर ने मुख्य अतिथि का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य वक्ता डॉ. रोहित वालिया ने स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित एवं आयुर्वेदिक खान-पान, नियमित योगासन, ध्यान, उचित व्यायाम और पर्याप्त नींद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए शुरुआत से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया।

डॉ. वालिया ने लंबे समय तक मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को योग और ध्यान के नियमित अभ्यास के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विकास कुमार शर्मा ने आयुर्वेद के अनुसार संतुलित खान-पान, योगाभ्यास और पर्याप्त नींद के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्राओं एवं महिलाओं को पीसीओडी और पीसीओएस जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के प्रति जागरूक किया।

एकेडमिक डीन प्रो. (डॉ.) तृप्ति आचार्य ने मुख्य अतिथि डॉ. रोहित वालिया को सम्मान प्रमाण पत्र भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलपति प्रो. (डॉ.) बूटा सिंह सिद्धू एवं कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह ने कार्यक्रम के आयोजकों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) मदन मोहन, प्रो. (डॉ.) ए.पी. सिंह, प्रो. (डॉ.) जयलक्ष्मी, डॉ. नरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. श्रीकांत, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. परमवीर, डॉ. मिनाली, डॉ. अंजू, डॉ. सुगंधा, डॉ. ऐश्वर्या, डॉ. अंजलि, डॉ. सुमन, डॉ. शगुफ्ता, डॉ. वंदना, डॉ. परमेश्वरन, डॉ. अखिल टी., डॉ. आर. मगेश, डॉ. प्रशांत सैनी, डॉ. वर्षा, डॉ. अन्नू, डॉ. अमृता, डॉ. प्रृति, डॉ. प्रीति, डॉ. नीरजा, डॉ. साक्षी, डॉ. अरुण, डॉ. अंशू सहित समस्त चिकित्सक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

Leave a Reply