मायावती ने 2027 चुनाव की तैयारियों पर कसी कमर, बोलीं- ‘साम, दाम, दंड, भेद और प्रलोभनों का करना होगा मुकाबला’

मायावती ने 2027 चुनाव की तैयारियों पर कसी कमर, बोलीं- ‘साम, दाम, दंड, भेद और प्रलोभनों का करना होगा मुकाबला’

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार (31 अगस्त) को लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट, मंडल स्तर के पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मायावती ने संगठन को चुनावी मोर्चे पर और अधिक सक्रिय करते हुए तैयारियों को तेज और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

‘पार्टी की पांचवीं बार सरकार बनाने के लिए जुटें कार्यकर्ता’

मायावती ने कहा कि बीएसपी कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान साम, दाम, दंड, भेद और तरह-तरह के प्रलोभनों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी मजबूती के साथ काम करने और उत्तर प्रदेश में बीएसपी की पांचवीं बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनावी तैयारी करने का आह्वान किया।

बीएसपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनता को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक दल तरह-तरह के लुभावने वादे और घोषणाएं करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरा नहीं किया जाता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोगों को ऐसे कथित झूठे वादों और राजनीतिक छलावे से सावधान करने की अपील की।

मायावती ने कहा कि जनता को बिना किसी दबाव या प्रलोभन के स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करना चाहिए, ताकि वह ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की सोच वाली सरकार चुन सके।

बेरोजगारी, गरीबी और पलायन पर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, गरीबी और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के चलते बड़ी संख्या में लोगों को मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है।

मायावती ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के बजाय इन्हें चुनावी मुद्दे और छलावे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की सरकारों में चुनाव का इंतजार किए बिना सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति की दिशा में लगातार काम किया गया।

उन्होंने दावा किया कि बीएसपी सरकारों ने गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याण के लिए काम किया।

कांशीराम जयंती को लेकर दिए निर्देश

बैठक में मायावती ने बीएसपी संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती 9 अक्टूबर को पूरे मिशनरी भाव से मनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि लखनऊ में बीएसपी सरकार द्वारा विकसित ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा यूपी-दिल्ली सीमा पर बीएसपी सरकार द्वारा स्थापित ‘बहुजन प्रेरणा केंद्र’ में सरकारी कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मायावती ने चिंता जताई। उन्होंने किसी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकारों में जनहित और जनकल्याण को प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में गरीब और पीड़ित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है और सरकारों को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।