हिजाब विवाद पर मायावती की प्रतिक्रिया, बोलीं- धार्मिक मामलों में टीका-टिप्पणी से बचें
नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज किए जाने के बाद इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बीच अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मायावती ने हिजाब और स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़े विवाद को स्थानीय स्तर पर आपसी समझ और संवेदनशीलता के साथ सुलझाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और आत्म-सम्मान से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने धार्मिक मामलों में अनावश्यक टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी।
मायावती ने संविधान का किया जिक्र
BSP प्रमुख ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को ऐसा धर्मनिरपेक्ष और समतामूलक संविधान दिया, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोगों को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत हर धर्म के व्यक्ति को अपनी धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के अनुसार शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है।
मायावती ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी लोगों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए।
‘स्कूल प्रबंधन और प्रशासन आपसी सहमति से निकालें समाधान’
मायावती ने कहा कि स्कूलों में यूनिफॉर्म, पर्दा, चादर या हिजाब पहनने जैसे मुद्दों को जरूरत से ज्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी तक ले जाने के बजाय स्कूल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आपसी समझ और सूझबूझ से समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे ऐसे मुद्दों को लेकर विवाद बढ़ने से रोका जा सकेगा और संकीर्ण राजनीति करने वालों को भी मौका नहीं मिलेगा।
धार्मिक मामलों पर टिप्पणी से बचने की अपील
BSP सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी सर्वसमाज के सम्मान के साथ सभी के जान-माल और धर्म की सुरक्षा में विश्वास रखती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ, धार्मिक प्रचलन या मान्यता से जुड़े संवेदनशील विषयों पर टीका-टिप्पणी करने से बचें।
मायावती के मुताबिक, ऐसे मामलों में संयम और आपसी सम्मान बनाए रखना देश और जनहित में होगा।
बदायूं में अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर भी जताई चिंता
मायावती ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर चल रहे विवाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने शासन और प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा शांतिपूर्ण और उचित समाधान निकालने की मांग की।
मायावती ने कहा कि संवेदनशील मामलों में प्रशासन को समय रहते हस्तक्षेप कर तनाव की स्थिति को बढ़ने से रोकना चाहिए।
