संसद परिसर में विपक्ष का सांकेतिक प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन और छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जताया विरोध

संसद परिसर में विपक्ष का सांकेतिक प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन और छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जताया विरोध

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के जरिए अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों और हाल में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पुजारी के वेश में संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के सामने एक प्रतीकात्मक दान पेटी लेकर बैठे। राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने सांकेतिक रूप से दान पेटी में पैसे डालने का प्रयास किया। उसी दौरान पप्पू यादव ने उन पैसों को अपनी जेब में रखकर यह संदेश देने की कोशिश की कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी हुई है। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

समाजवादी पार्टी के फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा मामला पूरे देश में चर्चा का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की जरूरत है और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या भगवान श्रीराम की पावन नगरी है और उससे जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विपक्षी नेताओं ने इस दौरान 20 जुलाई को संसद मार्च करने वाले छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।