X बायो से ‘भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता’ हटाने के बाद शहजाद पूनावाला को लेकर अटकलें तेज, अभी नहीं किया कोई आधिकारिक ऐलान

X बायो से ‘भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता’ हटाने के बाद शहजाद पूनावाला को लेकर अटकलें तेज, अभी नहीं किया कोई आधिकारिक ऐलान

नई दिल्ली। भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) की प्रोफाइल में बदलाव करने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। उन्होंने अपने बायो से ‘भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता’ का उल्लेख हटा दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके सक्रिय राजनीति छोड़ने या पार्टी से अलग होने की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, पूनावाला ने अब तक न तो भाजपा से इस्तीफे की पुष्टि की है और न ही सक्रिय राजनीति छोड़ने का कोई आधिकारिक ऐलान किया है।

गुरुवार को पूनावाला ने अपने अपडेटेड X बायो का स्क्रीनशॉट साझा किया। नए बायो में लिखा है, “धर्म: इस्लाम, संस्कृति: हिंदू, विचारधारा: भारतीय। लेखक: जीएसटी की यात्रा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजीवन अनुयायी।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने केवल “मेरा अपडेटेड बायो” लिखा। दिलचस्प बात यह है कि उनके इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अब भी उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता बताया गया है।

बायो अपडेट करने के कुछ समय बाद पूनावाला ने अपने पुराने दो वीडियो भी दोबारा साझा किए। इनमें से एक 9 जुलाई और दूसरा 28 जून का है। इन वीडियो में उन्होंने राजनीति, जनसेवा और अपने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की थी। एक वीडियो में उन्होंने कहा कि समाज सेवा केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है और राजनीति से परे रहकर भी लोगों की सेवा की जा सकती है।

वीडियो में पूनावाला ने यह भी कहा कि वह एक समय सक्रिय राजनीति से अलग होने पर विचार कर रहे थे। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद का एक भावुक वीडियो देखने के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया। उन्होंने कहा कि उस समय पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव होने थे, इसलिए उन्होंने पार्टी के लिए काम जारी रखने का फैसला किया। उनका कहना था कि इन चुनावों में पूरी ताकत से योगदान देने के बाद ही वह सक्रिय राजनीति से अलग होने पर विचार करेंगे।

शहजाद पूनावाला भाजपा के प्रमुख टीवी चेहरों में शामिल हैं और विभिन्न समाचार चैनलों की राजनीतिक बहसों में पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं। वर्ष 2021 में उन्हें दिल्ली भाजपा के सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।

वकील और सामाजिक कार्यकर्ता रहे पूनावाला ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। वर्ष 2017 में राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर उन्होंने वंशवाद का विरोध करते हुए सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और बाद में भाजपा में शामिल होकर पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में अपनी पहचान बनाई।

फिलहाल, शहजाद पूनावाला की ओर से भाजपा छोड़ने या सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं की अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।