जलनिगम के अधिकारियो की लालफिताशाही व भ्रष्टाचार की भेंट चढ गयी मलकपुर की करोडो रूपये की स्वच्छ जल योजना
नकुड 29 जुलाई इंद्रेश। जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। राज्य सरकार के नमामी गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा चलायी जा रही इस योजना मे हो रहा खेल देखना हो तो मलकपुर चले आईये। दो करोड तेईस लाख रूपये की लागत से यहां बन रहा प्रोजेक्ट अफसरशाही की भेंट चढ चुका है।
मलकपुर व आसराखेडी गांव को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करने के लिये जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2022 मे दो करोड तेईस लाख पचास हजार रूपये की लागत से पेय जल योजना शुरू की गयी । जिसमे ओवर हेड टेंक बनाकर सोलर पेनल से नलकूप चलाकर इन दोनो गांवो में स्वच्छ पेय जल आपूर्ति करना था। इस योजना को 2025 तक पूरा कर लिया जाना था।
करोडो रूपये की यह पेय जल योजना को पूरा करने का ठेका एनकेजी पीआरएमयुएस जेवी को दिया गया। इस योजना के तहत रणदेवा रोड पर शमशान घाट के पास सरकारी जमीन मे चहार दिवारी कर काम शुरू कर किया गया। सोलर पैनल लगाये गये। नलकूप भी लग गया। 150 किलो लीटर क्षमता का ओवर हेड टेंक बनाने के लिये गडढा भी खोद दिया गया। पंरतु इतना होते ही जनहित की इस योजना को भ्रष्टाचार की नजर लग गयी। काम बंद हेा गया। ग्रामीण योजना को पूरा कराने के लिये अधिकारियो के चक्कर लगाते रहे पंरतु काम शुरू नंही हुआ।

ग्राम प्रधान राजकुमार ने बताया कि उन्होंने जल निगम व प्रशासनिक अधिकारियोें से कई बार इस योजना का काम पूरा कराने के का आग्रह किया। पंरतु सफलता नंही मिली। अब हालत यह है कि चहार दिवारी मे बनाया गया गेट टूट गया है। अधिकंाश सौलर पेनल चोरी हो गये है। उनका स्टरक्चर टूट गया है। ओवर हेड बनाने के लिये खोदा गया गडढा ख्ुाला पडा है। उसमे गिरकर कई लोग चोटिल हो चूके है।
ग्राम प्रधान राजकुमार ने बताया कि करीब डेढ वर्ष पूर्व कुछ लोग उसके पास आये थे। वे कुछ कागजो पर उनके हस्ताक्षर कराना चाहते थे। उन्होंने पढा तो उसमे लिखा था कि योजना का काम पूरा हो गया है। सभी सुविधाऐ उपलब्ध है। यह पढकर उन्होंने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। तब से हालात जस के तस हैं । पेय जल योजना के बोर्ड पर लिखे अधिकारियो के मोबाईल नंबर बंद है। जनहित की इस योजना की सुध लेने कोई नंही आता। ग्रामीणो के स्वच्छ जल आपूर्ति के सपने अधूरे रह गये।
पेयजल योजना के नलकूप के कमरे का प्रयोग हो रहा है बकरी बंद करने के लिये
मलकपुर मे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिये अधूरी योजना ग्रामीणांे को पेयजल आपूर्ति तो नहंी कर पायी। अलबत्ता उसके मोटर के बराबर मे बने कमरे मे बकरी बंद रहती है। हमने साईट पर जाकर देखा तो बकरीयो के बोलने की आवाज से हम चौंक गये। पास मे खिडकी से झांककर देखा तो पता चला कमरे दर्जनांे बकरी बंद करके बाहर से ताला लगाया गया हैं । ग्राम प्रधान ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया।

