‘युवा सोच और नवाचार से आगे बढ़े सरकार’, PM मोदी ने अधिकारियों को दिया बड़ा संदेश

‘युवा सोच और नवाचार से आगे बढ़े सरकार’, PM मोदी ने अधिकारियों को दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को देश के प्रमुख आर्थिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक सुधार, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों के प्रति तैयार रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को हमेशा युवा सोच, गतिशीलता और दूरदृष्टि के साथ काम करना चाहिए, ताकि बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप तेजी से खुद को ढाला जा सके।

वित्त, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्रालयों के सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद जारी बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निरंतर विकसित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से नई चुनौतियों और अवसरों के प्रति सक्रिय एवं नवाचार आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

युवा उद्यमियों और कौशल विकास पर जोर

प्रधानमंत्री ने उभरते क्षेत्रों में युवा उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से उद्योग जगत के साथ मिलकर ऐसे पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने को कहा, जिनसे युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्राप्त हो सके।

उन्होंने संकेत दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों से बड़ी संख्या में स्नातक और तकनीकी विशेषज्ञ निकलने के बावजूद उद्योगों को अभी भी प्रशिक्षित और दक्ष कार्यबल की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कौशल विकास और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

गलत जानकारी से सतर्क रहने की सलाह

बैठक में प्रधानमंत्री ने गलत और भ्रामक जानकारी से निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में देश बड़े बदलाव और महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, वहां लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। इससे अफवाहों, भ्रम और बेबुनियाद आशंकाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

नागरिक केंद्रित हो हर नीति

प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन और नीतियों का केंद्र हमेशा नागरिक होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक नीति और निर्णय आम लोगों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुधार केवल एक नारा या प्रचलित शब्द नहीं हैं, बल्कि प्रभावी प्रशासन के लिए निरंतर चलने वाली प्रक्रिया हैं। इसके लिए कार्यप्रणाली में सुधार, बेहतर कार्य संस्कृति और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना आवश्यक है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, तकनीक के बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।